फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar Flood: सहरसा में कोसी की बाढ़ ने खाली कराया गांव, तटबंध पर बना खतरे का दबाव; देखें तस्वीरें

Sun, 29 Sep 2024 04:08 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा

सार

Bihar Flood: सहरसा में कोसी की बाढ़ ने खाली कराया गांव, तटबंध पर बना खतरे का दबाव; देखें तस्वीरें
Bihar Flood: Kosi flood in Saharsa evacuated village, dangerous pressure on embankment
 
विज्ञापन
1 of 5
बाढ़ ने गांव वालों को अपना घर-बार छोड़ने को किया मजबूर - फोटो : अमर उजाला
नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और कोसी बैराज से हुए अत्यधिक डिस्चार्ज के कारण कोसी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसके चलते सहरसा में पूर्वी और पश्चिमी कोसी तटबंध के बीच बसे गांवों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बाढ़ का पानी तेजी से गांवों में घुस रहा है, जिससे वहां बसे लोगों का अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का सिलसिला जारी है। रविवार की सुबह से ही पूर्वी कोसी तटबंध पर अफरातफरी का माहौल रहा, जहां कुछ लोग बाढ़ देखने आए थे तो कुछ अपने परिजनों का हाल जानने के लिए पहुंचे थे। तटबंध पर भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई।
 
विज्ञापन

2 of 5
बाढ़ ने गांव वालों को अपना घर-बार छोड़ने को किया मजबूर - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारी लगातार बांध पर गश्त कर रहे हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में नहीं है। शनिवार को कोसी बैराज से चार लाख 18 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो रात तक छह लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इसके बाद पानी को सहरसा के नवहट्टा तक पहुंचने में आठ से 10 घंटे का समय लगा। देर रात तक नदी का जलस्तर तटबंध के काफी नजदीक पहुंच गया। दिन में जो नदी तटबंध से पांच मीटर की दूरी पर बह रही थी, वह अब तटबंध से सटकर बहने लगी है, जिससे तटबंध के टूटने का खतरा बढ़ गया है।
 
विज्ञापन

3 of 5
बाढ़ ने गांव वालों को अपना घर-बार छोड़ने को किया मजबूर - फोटो : अमर उजाला
तटबंध के अंदर बसे कई गांवों में पानी भरने के कारण घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कच्चे मकान बाढ़ के पानी में पूरी तरह समा गए हैं। लोग जो भी सामान समेट सकते थे, लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। लेकिन तटबंध के किनारे से बहते पानी के कारण लोग डर और आशंका में जी रहे हैं। अगर जलस्तर और बढ़ता है, तो तटबंध पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
 

4 of 5
बाढ़ ने गांव वालों को अपना घर-बार छोड़ने को किया मजबूर - फोटो : अमर उजाला
बांध के अंदर से बाहर आ रहे लोग सरकार और प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि बाढ़ पीड़ितों को बाहर निकालने और उनकी मदद के दावों के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है। न तो उनके बाहर निकलने की उचित व्यवस्था की गई है और न ही खाने-पीने या ठहरने की। तटबंध के बीच फंसे गरीब और कमजोर लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और उनके लिए समय पर रेस्क्यू नहीं हुआ तो उनकी जान पर बन आएगी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बाढ़ ने गांव वालों को अपना घर-बार छोड़ने को किया मजबूर - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि अत्यधिक डिस्चार्ज के बाद कोसी नदी ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। सरकार के निर्देशों पर प्रशासनिक अधिकारी राहत कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन इन तैयारियों का लाभ बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाने में कई खामियां दिख रही हैं। अगर समय रहते राहत कार्य और रेस्क्यू ऑपरेशन तेज नहीं किए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें