सिंदूर खेला के बाद दी गई दुर्गा मां को विदाई
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विदाई के साथ खुशी और गम का मिलाजुला अहसास
इस मौके पर बंगाली समाज की महिला हैप्पी चक्रवर्ती ने बताया कि मां दुर्गा की विदाई हमारे लिए एक भावुक क्षण होता है। जैसे एक बेटी मायके से विदा होती है, उसी तरह हम मां को भी विदा करते हैं। मां के जाने का गम है, लेकिन इस उम्मीद के साथ खुशी भी है कि अगले साल मां दुर्गा फिर से हमारे बीच लौटेंगी और हम इसी धूमधाम से उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि सिंदूर का हमारे समाज में खास महत्व है। आज हमने मां को अर्पित किए सिंदूर से यह होली खेलकर मां से सुख-शांति की कामना की है।