Mercedes-Benz E-Class LWB
- फोटो : Mercedes-Benz
मर्सिडीज-बेंज ने चीन और भारत के मार्केट रिसर्च के आधार पर पाया कि भारत में 80 प्रतिशत E-Class ग्राहक खुद नहीं, बल्कि ड्राइवर से कार चलवाते हैं। यानी इन ग्राहकों के लिए पीछे की सीट पर बैठने का आराम सबसे ज्यादा अहमियत रखता था।
इसलिए कंपनी ने 134 mm का अतिरिक्त लेगरूम, रीक्लाइनिंग रियर सीट्स और 'बॉस-मोड' जैसी सुविधाएं दीं। जिससे फ्रंट सीट को आगे खिसकाकर पीछे बैठने वाले को ज्यादा जगह मिल सके।
इस रणनीति ने कमाल कर दिया, E-Class LWB ने मर्सिडीज-बेंज की बिक्री में 34 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल की और कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार बन गई।
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