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Second Hand Cars: क्या पुरानी कार खरीदना बहुत रिस्की है? नए खरीदारों ने क्यों कहा 'ना', रिपोर्ट से खुलासा

Sat, 28 Jun 2025 10:43 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में सेकंड हैंड कारों का मार्केट बहुत बड़ा है। लेकिन एक नई रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार कार खरीदने वाले लोग अब पुरानी कारों से दूरी बना रहे हैं।
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Used Car - फोटो : Freepik
भारत में सेकंड हैंड कारों का मार्केट बहुत बड़ा है। लेकिन एक नई रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार कार खरीदने वाले लोग अब पुरानी कारों से दूरी बना रहे हैं। पार्क+ रिसर्च लैब्स के अध्ययन के अनुसार, पिछले एक साल में 77 प्रतिशत नए खरीदारों ने पुरानी नहीं बल्कि नई कारें खरीदना पसंद किया। इसका सबसे बड़ा कारण सेकंड हैंड कार बाजार में भरोसे की कमी बताई गई है।

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Used Cars - फोटो : Freepik
कीमतें नई कार जैसी या उससे भी ज्यादा!
जिन लोगों ने पुरानी कारों से दूरी बनाई, उनमें से 81 प्रतिशत ने कहा कि सेकंड हैंड कारों की कीमतें बेवजह बहुत ज्यादा हैं। जो कई बार नई कारों से भी ज्यादा हो जाती हैं। 10 लाख रुपये से कम की रेंज में जहां ज्यादातर पुरानी कारों की डील होती है, वहां ये चिंता और भी गहरी हो जाती है। डेलॉयट की रिपोर्ट भी बताती है कि इस सेगमेंट में सेकंड हैंड डील सबसे ज्यादा होती हैं। वहीं आज के समय में नई कारों के लिए आसान फाइनेंसिंग और बेहतर आफ्टर-सेल्स सर्विस सपोर्ट लोगों को ज्यादा आकर्षित कर रहा है।

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Used Cars - फोटो : Freepik
बुरा अनुभव भी बना बड़ा कारण
जिन लोगों ने पुरानी कार लेने का सोचा भी था, उनमें से 65 प्रतिशत ने आखिरी वक्त पर अपना प्लान कैंसिल कर दिया। इसकी वजह थी दोस्तों की चेतावनियां, ऑनलाइन नेगेटिव रिव्यूज, या खुद का खराब अनुभव। 43 प्रतिशत लोगों ने कानूनी उलझनों को वजह बताया। जबकि 22 प्रतिशत ने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) ट्रांसफर में देरी की शिकायत की। 11 प्रतिशत ने खराब डिजिटल रेटिंग्स को भी जिम्मेदार माना।

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Pre-owned car - फोटो : Audi India
लोकल डीलर्स पर अब भी है ज्यादा भरोसा
हालांकि हैरान करने वाली बात यह रही कि 73 प्रतिशत नए खरीदारों को लोकल डीलर्स पर ज्यादा भरोसा है बजाय बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के। इसका कारण है सीधा इंसानी संवाद, आमने-सामने बात करने की सुविधा, और ज्यादा ईमानदारी वाली डीलिंग। यानी तकनीक भले आगे हो, लेकिन भरोसे के लिए अभी भी पर्सनल टच को तरजीह दी जा रही है।

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Pre-owned cars - फोटो : Audi India
कानूनी पेचीदगियां बनीं सबसे बड़ी रुकावट
पुरानी कार के बाजार में सबसे बड़ा सिरदर्द डॉक्युमेंटेशन की दिक्कतें, फर्जी लिस्टिंग, और मालिकाना हक का अधूरा ट्रांसफर है। बहुत सारे खरीदारों का कहना है कि इस सेक्टर में सुधार की सख्त ज़रूरत है। स्पष्ट नियम, पारदर्शी प्रक्रिया, और ऐसा सिस्टम जिससे लेन-देन आसान और सुरक्षित बन सके। 

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