गाड़ी चलाते समय लगातार क्लच दबाने और गियर बदलने की कवायद थका देने वाली होती है। ट्रैफिक जाम में गाड़ी को मैन्युअल गियरबॉक्स के साथ चलाने और इस थकान से बचने के लिए, लोग अक्सर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों की ओर रुख करते हैं। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स बिना क्लच के होते हैं, और यह उन लोगों के लिए एक राहत हैं, जो गाड़ी चलाते समय तनावमुक्त रहना चाहते हैं। फिर भी, कुछ ऑटोमैटिक कारों में गियरबॉक्स सेटिंग्स में मैनुअल मोड की सुविधा भी दी जाती है। सवाल यह है कि जब ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन अपने आप गियर बदल सकता है, तो किसी को मैनुअल मोड में शिफ्ट करने की जरूरत क्यों पड़ेगी।
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Manual Mode in Automatic Gearbox Car
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गियरबॉक्स में मैनुअल मोड के लिए D के बगल में M लिखा देखा जा सकता है। साथ ही इसके साथ प्लस और माइनस का साइन भी होता है। कुछ कारों में M की जगह S लिखा होता है। गियर लीवर को M या S की ओर ले जाने से गियर का कंट्रोल ड्राइवर के हाथ में आ जाता है। ऊपर की ओर शिफ्ट करने के लिए गियर लीवर को प्लस चिह्न की तरफ धकेलना पड़ता है। और माइनस का चिह्न डाउनशिफ्टिंग में मदद करता है। कुछ ऑटोमैटिक कारों में स्टीयरिंग व्हील के पीछे पैडल शिफ्टर्स भी दिए जाते हैं। जो ड्राइवरों को उंगलियों का इस्तेमाल करके गियर को ऊपर या नीचे शिफ्ट करने में मदद करते हैं।
यहां हम आपको, एक ऑटोमैटिक कार में मैनुअल मोड रखने के पांच बड़े फायदों के बारे में बता रहे हैं।
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Car Manual Gearbox
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ब्रेक फेल
ड्राइविंग के दौरान ऐसे मौके भी आ सकते हैं जब आपकी गाड़ी का ब्रेक फेल हो जाए। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए आमतौर पर एक्सीलरेटर से पैर हटा लिया जाता है और कार को सुरक्षित तरीके से रोकने की कोशिश की जाती है। हालांकि, ज्यादातर ऑटोमैटेकि कार को इस तरीके को अपनाकर पूरी तरह से नहीं रोकी जा सकती हैं। कभी-कभी वाहन को धीरे-धीरे रोकने की बजाए तुरंत रोकने की जरूरत भी हो सकती है। वैसी स्थिति में, मैनुअल मोड में शिफ्ट कर कार को सबसे कम गियर में डालकर, जल्दी रोकने में मदद मिल सकती है।
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Mountain Car Driving
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ढलान में उतरते समय फायदा
ढलान में उतरते समय ब्रेक का इस्तेमाल कर वाहन की रफ्तार को कम करने की बजाए, मैनुअल मोड में शिफ्ट करने से ज्यादा फायदा मिलता है। अगर ढलान लंबी है तो, ड्राइवर मैनुअल तरीके से सही गियर को चुन सकता है। प्लस और माइनस शिफ्ट या पैडल शिफ्टर का इस्तेमाल कर, ड्राइवर कार को सही गियर में रख सकता है। और ब्रेक को घिसने से बचा सकता है। यह बर्फीली रोड पर भी बहुत कारगर होता है, जब रोड पर वाहन स्लिप करने लगते हैं। वैसी स्थिति ब्रेक नहीं लगाने की सलाह दी जाती है। और वाहन की रफ्तार को कम रखने के लिए निचले गियर लगाया जाता है।
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Car Driving
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कम ईंधन
जब गाड़ी में ईंधन कम होने लगता है, तब माइलेज बढ़ाने के लिए मैनुअल मोड पर शिफ्ट करना अक्लमंदी होती है। ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की बजाए मैनुअल ट्रांसमिशन कार को ज्यादा ईंधन बचाने में मदद करता है। ऐसा करने से आपको अगले पेट्रोल पंप को खोजने में ज्यादा समय मिल जाता है या आप अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।
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Mountain Car Driving
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जरूरत के मुताबिक पावर
चढ़ाई के वक्त ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में एक्सीलरेटर दबाने से ज्यादा ईंधन की खपत होती है। खासतौर पर तब जब कार के इंजन का पावर ज्यादा नहीं होता। वैसी स्थिति में मैनुअल मोड को चुन पर सही गियर को चुनाव किया जा सकता है। यह तब बहुत कारगर होता है, जब कार बेसमेंट की ऊंची चढ़ाई से निकाली जाती है।
बेहतर माइलेज
हालांकि ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से गियर शिफ्ट करने का काम अपने आप हो जाता है। लेकिन कुछ पुराने ड्राइवर गियर बदलने के मैनुअल तरीके को ही पसंद करते हैं। ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की तुलना में मैनुअल ट्रांसमिशन को चुनने के पीछे एक अच्छी वजह यह होती है कि
इसमें ज्यादा माइलेज मिलता है।