अमेरिका स्थित ईवी निर्माता टेस्ला ने कथित तौर पर देश के सीमा शुल्क में प्रारंभिक कर रियायतों (टैक्स कंसेशन) की मांग करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से संपर्क किया है। मीडिया रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। अनुरोध की गई राहत का लक्ष्य ईवी के लिए देश के आयात शुल्क में कम से कम 15 प्रतिशत की कटौती करना है।
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Tesla Car
- फोटो : Tesla
इस समय, भारत 40,000 डॉलर (लगभग 32.5 लाख रुपये) से कम कीमत वाली कारों के लिए 70 प्रतिशत और इस राशि से ज्यादा कीमत वाली की कारों के लिए 100 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगाता है।
इस अपील के बारे में कहा जाता है कि यह सरकार के विचाराधीन है। अगर टेस्ली की इस अपील को हरी झंडी मिल जाती है, तो यह सभी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माताओं पर लागू होगी।
इस साल की शुरुआत में पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने टेस्ला प्रमुख एलन मस्क से भी मुलाकात की। जिसके बाद ईवी निर्माता ने पुणे में अपने ऑफिस स्पेस को पांच साल के पट्टे पर लिया।
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जांच का सामना कर रहे चीन के बीवाईडी और ग्रेट वॉल मोटर्स जैसे वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों के बीच, दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजार, भारत में टेस्ला की एंट्री रणनीतिक रूप से फायदेमंद है। जहां तक इन चीनी वाहन निर्माताओं का सवाल है, 2020 के भारत-चीन सीमा संघर्ष के बाद अनुमोदन आवश्यकताओं को सख्त करने के कारण दोनों कंपनियों की व्यक्तिगत 1 अरब डॉलर के निवेश के आवेदन को नकार दिया गया।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में ईवी सुविधा स्थापित करने की कथित चर्चा के अलावा, टेस्ला ने हाल ही में सितंबर में देश में एक बैटरी और स्टोरेज सुविधा स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया है।
इस मामले के लेटेस्ट घटनाक्रम में, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 13 नवंबर से 17 नवंबर के बीच निर्धारित अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान मस्क से मुलाकात करेंगे। यह देखना बाकी है कि दोनों के बीच क्या चर्चा होगी और क्या केंद्र सहमत होगा कि ईवी निर्माता के भारत में एंट्री को सुविधाजनक बनाने के लिए शुरू में आयात शुल्क में कटौती की जाए।