दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी Tesla (टेस्ला) एक नए प्लांट के लिए जगह का चुनाव जल्द ही कर सकती है। कंपनी के सीईओ Elon Musk (एलन मस्क) ने कहा कि इस साल के आखिर से पहले जगह को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। मंगलवार को, उन्होंने संकेत दिया कि नए कारखाने का लोकेशन भारत में हो सकता है क्योंकि उन्होंने देश में कारोबार स्थापित करने में दिलचस्पी जाहिक की थी। मस्क की यह टिप्पणी भारत में टेस्ला को लॉन्च करने की अपनी योजना को छोड़ने के लगभग एक साल बाद आई है। अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारत यात्रा से पहले मस्क के नजरिए में बदलाव आया है।
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Tesla
- फोटो : Social Media
मंगलवार को एक इंटरव्यू के दौरान मस्क से पूछा गया कि क्या टेस्ला नई फैक्ट्री के लिए भारत में दिलचस्पी रखती है, तो उन्होंने जवाब दिया, 'बिल्कुल'। पिछले हफ्ते, टेस्ला के अधिकारियों ने नई दिल्ली में दो दिनों के लिए भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की, जहां ईवी निर्माता ने कथित तौर पर देश में एक मैन्युफेक्चरिंग प्लांट और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर का प्रस्ताव रखा। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से कहा था, "वे बहुत गंभीरता से भारत को एक उत्पादन और इनोवेशन बेस के रूप में देख रहे हैं।" हालांकि, रिपोर्टों का दावा है कि टेस्ला ने अपने अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों के बीच बैठक के दौरान भारत में एक प्लांट लगाने के लिए प्रतिबद्धता देने से रोक दिया।
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Tesla car
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इससे पहले, केंद्र ने टेस्ला को सलाह दी थी कि अगर वह भारत में ईवी बेचना चाहता है तो वह एक स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि टेस्ला का भारत में स्वागत होगा यदि वह स्थानीय रूप से ईवी बनाती है और उन्हें चीन से आयात नहीं करती है। एलन मस्क ने यह कहते हुए प्रस्ताव स्वीकार करने से इनकार कर दिया था कि, "टेस्ला किसी भी जगह पर मैन्युफेक्चरिंग प्लांट नहीं लगाएगा जहां हमें पहले कारों को बेचने और सर्विस करने की इजाजत नहीं है।" हालांकि पीएमओ के अधिकारियों के साथ ताजा बातचीत के दौरान टेस्ला ने अपनी इस दलील को नहीं दोहराया।
टेस्ला के भारत में फिर से दिलचस्पी को ईवी निर्माता के चीन से बाहर संभावनाओं को तलाशने की कोशिशों के तौर पर देखा जा रहा है। चीन अमेरिका के बाहर टेस्ला का सबसे बड़ा बाजार है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच टेस्ला समेत कई कार निर्माता भविष्य में ईवी कारोबार के लिए नए ठिकाने तलाशने की ओर मजबूर हो सकते हैं। कंपोनेंट्स के अलावा, चीन अपने बैटरी निर्माण की वजह से भी वैश्विक ईवी व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण है। भारत वैकल्पिक बाजार हो सकता है जहां सरकार स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए उत्सुक है।