भारत में सड़क निर्माण की रफ्तार में सुधार हुआ है। फरवरी तक इस वित्तीय वर्ष में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय प्रतिदिन औसतन 700 करोड़ रुपये खर्च करने के साथ यह रफ्तार दैनिक आधार पर 27 किमी तक पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 2019 में दैनिक औसत खर्च 190 करोड़ रुपये था।
पिछले दो वर्षों की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में सड़क निर्माण बेहतर रहा है, जब मंत्रालय औसतन लगभग 24 किमी प्रतिदिन सड़क निर्माण कर रहा था। साथ ही, इस वर्ष का प्रदर्शन पिछले पांच वर्षों में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
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National Highways
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फरवरी तक इस वर्ष कुल 9,088 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है। जो 2020-21 में 11,143 किमी के असाधारण रूप से उच्च सड़क निर्माण के बाद दूसरे स्थान पर है। इस वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों में सड़क निर्माण लगभग 25 किमी प्रतिदिन था, जो मानसून के आसपास गिर गया। अगस्त और अक्तूबर के आखिर में, मंत्रालय 21 किमी प्रतिदिन सड़क निर्माण कर रहा था जो नवंबर के आखिर तक बढ़कर 22 किमी प्रतिदिन और फिर जनवरी के आखिर तक 25 किमी प्रतिदिन हो गया।
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National Highway 301 in Ladakh
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परियोजनाओं का आवंटन धीमा
इस वित्तीय वर्ष के पहले 11 महीनों में, मंत्रालय सिर्फ 4,872 किमी सड़कों के लिए परियोजनाओं का आवंटन करने में सफल रहा, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे कम है। साथ ही, आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी में 1,400 किमी की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी।
16 मार्च को लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ, आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण मंत्रालय ने नई परियोजनाओं को आवंटित करना बंद कर दिया है। हालांकि, पहले ही स्वीकृत परियोजनाओं पर काम जारी रहेगा।
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National Highways
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लगभग चार गुना ज्यादा खर्च
इस साल मंत्रालय को 2.64 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। जो 2018-19 में आवंटित 78,625 करोड़ रुपये से लगभग तीन गुना ज्यादा है।
जब खर्च की बात आती है, तो मंत्रालय ने फरवरी के आखिर तक इस वर्ष के आवंटन का लगभग 90 प्रतिशत, 1.34 लाख करोड़ रुपये खर्च कर लिया। यह 2018-19 में समान अवधि में किए गए खर्च का लगभग चार गुना था। उस समय यह राशि 63,289 करोड़ रुपये थी, जो उस वित्तीय वर्ष के आवंटन का लगभग 80 प्रतिशत है।