फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PM E-DRIVE: अब 2028 तक बढ़ी पीएम ई-ड्राइव योजना, लेकिन ई-स्कूटर-रिक्शा वालों को 2026 के बाद नहीं मिलेगा फायदा

Fri, 08 Aug 2025 02:22 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना (PM E-DRIVE), जो देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी, अब 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगी। भारी उद्योग मंत्रालय ने इस योजना को दो साल और बढ़ा दिया है।
विज्ञापन
1 of 6
Bajaj Chetak 3001 Electric Scooter - फोटो : Chetak
प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना (PM E-DRIVE), जो देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी, अब 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगी। भारी उद्योग मंत्रालय ने इस योजना को दो साल और बढ़ा दिया है। हालांकि, इसके लिए सरकार ने कोई नया पैसा नहीं दिया है। अब सिर्फ पहले से मिले 10,900 करोड़ रुपये के बजट में से बचे हुए पैसे से ही योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

यह भी पढ़ें - FASTag Annual Pass: 15 अगस्त से लागू होगा नया फास्टैग वार्षिक पास, जानें कीमत, वैधता और फायदे 

यह भी पढ़ें - Toll Tax: केरल हाई कोर्ट का फैसला- सुरक्षित और सुगम एक्सेस के बिना नहीं वसूली जा सकती टोल फीस
विज्ञापन

2 of 6
Vida VX2 Electric Scooter - फोटो : Vida
टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर को नहीं मिलेगा एक्सटेंशन
इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन और इलेक्ट्रिक रिक्शा/तीन पहिया वाहन पर मिलने वाली सब्सिडी 31 मार्च 2026 के बाद बंद हो जाएगी। यानी इन गाड़ियों के लिए योजना का एक्सटेंशन नहीं होगा। मंत्रालय ने साफ किया कि आगे के दो साल उन प्रोजेक्ट्स के लिए हैं जिनमें अब तक धीमी प्रगति हुई है। जैसे इलेक्ट्रिक ट्रक, एम्बुलेंस और चार्जिंग स्टेशन।

यह भी पढ़ें - Car Parking: बंगलूरू में सैकड़ों लोगों को टैक्स नोटिस, वजह बनी पार्किंग एरिया की जानकारी नहीं देना! जानें पूरा मामला
विज्ञापन

3 of 6
Electric Rickshaw - फोटो : Lohia
बजट खत्म तो योजना भी खत्म
सरकार ने कहा है कि अगर मार्च 2028 से पहले ही पूरा बजट खर्च हो गया, तो योजना को उसी वक्त बंद कर दिया जाएगा। यानी फिर किसी भी सब्सिडी का क्लेम नहीं लिया जाएगा। खास बात यह भी है कि स्कूटर, रिक्शा और ई-कार्ट जैसी गाड़ियों के लिए सब्सिडी की आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 ही रहेगी।

यह भी पढ़ें - Volkswagen Touareg: 24 साल बाद बंद होगी फॉक्सवैगन की लग्जरी एसयूवी टॉरेग! जानें इस फैसले की वजह

4 of 6
PM E-Bus Sewa - फोटो : GreenCell Mobility
कहां-कहां खर्च हो रहा है पैसा
10,900 करोड़ रुपये के इस बजट में से:
  • 3,679 करोड़ रुपये सीधे ग्राहकों को सब्सिडी देने में लगाए जा रहे हैं। इसमें स्कूटर, रिक्शा, ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रक शामिल हैं।
  • 4,391 करोड़ रुपये की मदद से राज्य सरकारें 14,028 इलेक्ट्रिक बसें खरीदेंगी।
  • 2,000 करोड़ रुपये से देशभर में फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।
  • 780 करोड़ रुपये से गाड़ियों की टेस्टिंग सुविधाएं अपग्रेड की जाएंगी।
  • 50 करोड़ रुपये प्रशासनिक कामों और दूसरे खर्चों के लिए रखे गए हैं।

यह भी पढ़ें - Volkswagen Taigun and Virtus: फॉक्सवैगन टाइगुन, वर्टस हुई अपडेट,  स्पोर्ट्स लाइन में जुड़ा नया चमकदार रेड कलर 
विज्ञापन

5 of 6
इलेक्ट्रिक ट्रक - फोटो : AI
सब्सिडी का तरीका भी हुआ आसान
इस योजना में एक डिजिटल ई-वाउचर सिस्टम है। जब कोई ग्राहक गाड़ी खरीदता है, तो आधार से जुड़ा एक ई-वाउचर एसएमएस के जरिए भेजा जाता है। डीलर इस वाउचर को प्रोसेस करता है और निर्माता कंपनी पोर्टल पर सब्सिडी का क्लेम कर लेती है। 

यह भी पढ़ें - 2025 Nissan Magnite Kuro Edition: 2025 निसान मैग्नाइट कुरो एडिशन लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स

भारत में बने ईवी को मिल रहा बढ़ावा
पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत भारत में ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों के पार्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे घरेलू उद्योग को भी मजबूती मिले।

यह भी पढ़ें - Triumph Thruxton 400: ट्रायम्फ कैफे रेसर भारत में लॉन्च, रेट्रो लुक में दिखा नया अंदाज, जानें कीमत और खूबियां 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Electric Truck - फोटो : Freepik
अब तक क्या नतीजे मिले
सरकार के मुताबिक, जून 2025 तक ई-स्कूटर और ई-रिक्शा की बिक्री में करीब 50 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। वहीं जुलाई 2025 में योजना के तहत ई-ट्रक को पहली बार सब्सिडी मिली - एक ट्रक पर 9.6 लाख रुपये तक की मदद। सरकारी कंपनी SAIL ने 150 ई-ट्रक खरीदने का वादा किया है। 

यह भी पढ़ें - BS4 vs BS6: क्या इथेनॉल-मिश्रित फ्यूल सही है? कौन-सा ईंधन किस गाड़ी के लिए हो सकता है बेहतर 

यह भी पढ़ें - SUV: एसयूवी का क्रेज बन रहा है जानलेवा, इस वजह से बढ़ रही पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की मौतें 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें