दिसंबर 2023 में पूरे भारत में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में गिरावट आई है। पीटीआई की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। भारतीय ईंधन बाजार का 90 प्रतिशत नियंत्रित करने वाली तीन सरकारी तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) द्वारा दिसंबर 2023 में बेचे गए पेट्रोल की मात्रा पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 1.4 प्रतिशथ घटकर 2.72 मिलियन टन हो गई। दूसरी ओर, डीजल की बिक्री में और भी बड़ी गिरावट आई है, जो 7.8 प्रतिशत कम होकर 6.73 मिलियन टन हो गई।
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बिक्री में गिरावट का कारण
रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की बिक्री में आई इस गिरावट का मुख्य कारण सर्दी का मौसम है। जिससे आमतौर पर मोटर ईंधन की खपत कम हो जाती है। आमतौर पर, सर्दियों के महीनों में, लोग कम यात्रा करते हैं, जिसका असर देश भर में मोटर ईंधन की बिक्री पर पड़ता है।
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पेट्रोल और डीजल की बिक्री में गिरावट
रिपोर्ट से पता चला है कि महीने-दर-महीने आधार पर, पिछले महीने पेट्रोल की बिक्री में 4.9 फीसदी की गिरावट देखी गई। जबकि पिछले साल नवंबर में 2.86 मिलियन टन पेट्रोल बेचा गया था। हालांकि, पूरे भारत में पेट्रोल की खपत में महामारी से प्रभावित दिसंबर 2021 की तुलना में 7.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। और महामारी से पहले दिसंबर 2019 की तुलना में बिक्री में 21.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।
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दूसरी ओर, पिछले महीने डीजल की बिक्री में भी महीने-दर-माह 0.8 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। जबकि पिछले महीने 6.79 मिलियन टन की बिक्री हुई थी। डीजल की खपत में पिछले महीने दिसंबर 2021 की तुलना में 4.3 प्रतिशत और दिसंबर 2019 की तुलना में 2.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।
जबकि देश भर में यात्री वाहनों की बढ़तरी संख्या पूरे भारत में पेट्रोल की बिक्री में बढ़ोतरी को बढ़ावा दे रही है। डीजल भारत में सबसे ज्यादा खपत वाला मोटर ईंधन है, जो सभी पेट्रोलियम उत्पाद खपत में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान देता है। भारत में कुल डीजल बिक्री में परिवहन क्षेत्र का योगदान 70 प्रतिशत है। हाल के दिनों में, पूरे भारत में मोटर ईंधन की खपत में तेजी से उतार-चढ़ाव देखा गया है। त्योहारी सीजन के दौरान अक्तूबर में पेट्रोल और डीजल दोनों की मांग में बढ़ोतरी देखी गई। जिसके बाद अगले महीने में डीजल की खपत में 7.5 प्रतिशत की गिरावट आई।