दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहनों के सबसे ज्यादा घनत्व (डेंसिटी) वाले भारतीय वाहन बाजारों में से एक बना हुआ है। राज्य सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी ने दिसंबर में इलेक्ट्रिक वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है। शहर में पिछले महीने बिके कुल वाहनों में से लगभग पांचवां हिस्सा ईवी का था। राज्य सरकार के अनुसार, यह किसी भी राज्य में दर्ज की गई इलेक्ट्रिक वाहनों की अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री है। जो दिल्ली को देश की ईवी राजधानी होने का दावा करती है।
विज्ञापन
2 of 6
मंत्री कैलाश गहलोत
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने सोशल मीडिया पर इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का एलान किया। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) पर कहा, "कुल मिलाकर 2023 में, दिल्ली में कुल 6,57,312 वाहन पंजीकृत हुए, जिनमें से 73,610 इलेक्ट्रिक थे।" उन्होंने यह भी कहा कि मार्च पिछले साल ईवी बिक्री के मामले में दूसरा सबसे अच्छा महीना था, जिसमें कुल बिक्री का लगभग 14.7 प्रतिशत योगदान था। मई तीसरा सबसे अच्छा महीना था जब ईवी ने कुल बिक्री का 14.4 प्रतिशत योगदान दिया।
विज्ञापन
3 of 6
Electric Vehicles
- फोटो : Pixabay
दिल्ली सरकार ने हाल ही में अपनी ईवी नीति को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। यह पहले पिछले साल 31 दिसंबर को खत्म होने वाला था। मौजूदा नीति चालू वित्त वर्ष के आखिर तक लागू रहेगी। राज्य सरकार द्वारा पहले ही एक नई और ज्यादा व्यापक इलेक्ट्रिक वाहन नीति का प्रस्ताव दिया गया है। जिससे मौजूदा नीति को बदले जाने की उम्मीद है।
4 of 6
Electric Vehicles
- फोटो : Pixabay
दिल्ली ने 2020 में ही अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति शुरू की थी। नई नीति, जिसे दिल्ली ईवी नीति 2.0 कहा जाएगा, मौजूदा नीति का एक ज्यादा व्यापक वर्जन होगा। और इसका मकसद लोगों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित करना है। गहलोत ने कहा, "मौजूदा नीति के तहत सब्सिडी सहित सभी इंसेंटिव जारी रहेंगे। दिल्ली ईवी नीति 2.0 अंतिम चरण में है और जरूरी अनुमोदन के बाद जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा।"
विज्ञापन
5 of 6
Electric Scooter
- फोटो : सोशल मीडिया
अन्य प्रोत्साहनों के अलावा, नई ईवी नीति का मकसद उस समय उपभोक्ता को पुरस्कार भी देना है जब वह अपने पुराने वाहनों को ईवी में बदलने का फैसला लेता है। हालांकि, यह प्रक्रिया महंगी है और सरकारी प्रोत्साहन उन इच्छुक वाहन मालिकों के लिए इसे वहनीय बनाएंगे जो अपने फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) वाहनों को ईवी में बदलना चाहते हैं। इस नीति का लक्ष्य इस साल के आखिर तक नई वाहन पंजीकरणों में से 25 प्रतिशत योगदान को ईवी में बदलना है।
दिल्ली अक्सर उच्च स्तर के प्रदूषण की चपेट में रहती है। पिछले साल सिर्फ दो महीनों के भीतर बीएस3 पेट्रोल और बीएस4 डीजल वाहनों पर दो बार प्रतिबंध लगाया गया है। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारी भविष्य में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को कम करने में मदद कर सकती है। राज्य में पहले से ही इलेक्ट्रिक बसों और वाणिज्यिक वाहनों का एक बड़ा बेड़ा है जो जीरो-एमिशन (शून्य-उत्सर्जन) वाले सार्वजनिक परिवहन में भी योगदान देता है।