इस वित्तीय वर्ष में भारतीय यात्री वाहन बाजार में रिकॉर्ड 18-20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज होने की उम्मीद है। एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी CareEdge के अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। पीटीआई ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स आदि सहित कई वाहन निर्माताओं द्वारा घोषित यात्री वाहन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, इस वित्तीय वर्ष में पैसेंजर व्हीकल (पीवी) बिक्री में बढ़ोतरी में दबी हुई मांग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अध्ययन में कथित तौर पर यह भी अनुमान लगाया गया है कि यात्री वाहनों की सकारात्मक बिक्री रफ्तार अगले वित्तीय वर्ष में भी जारी रहेगी। जहां मजबूत ऑर्डर बुक और सप्लाई चेन में सुधार जैसी कारक अहम भूमिका निभाएंगे।
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CareEdge रिसर्च डायरेक्टर तन्वी शाह ने कथित तौर पर कहा कि वाहन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच दबी हुई मांग कम होने के कारण वित्त वर्ष 2023-2024 में भारत में पैसेंजर व्हीकल (यात्री वाहन) सेगमेंट में लगभग 18-20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है। उन्होंने आगे कहा कि मजबूत ऑर्डर बुक, सप्लाई चेन में सुधार, नई कार लॉन्च की मजबूत मांग और यूटिलिटी वाहन सेगमेंट में बढ़ती मांग के कारण वित्त वर्ष 2025 में भी 18-20 प्रतिशत की ऊपर की ओर रुझान बरकरार रहने की संभावना है।
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एसयूवी और नई कारें देंगी विकास को रफ्तार
भारतीय यात्री वाहन बाजार में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसमें एसयूवी और एमपीवी दोनों तरह की यूटिलिटी व्हीकल्स की मांग में तेजी आई है। इसके अलावा, नई कारें पूरे देश में विकास को और आगे बढ़ा रही हैं। 2023 में, विभिन्न वाहन निर्माताओं द्वारा मास-मार्केट और लग्जरी दोनों सेगमेंट में कई नए यात्री वाहन मॉडल लॉन्च किए गए हैं। साथ ही, इन नए मॉडलों को इंटरनल कंब्शन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) दोनों सेगमेंट में लॉन्च किया गया था।
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अध्ययन में कहा गया है कि इलेक्ट्रिक कारें देश में कुल ईवी बिक्री में लगभग छह प्रतिशत का योगदान करती हैं और बिक्री मात्रा पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ी है। अध्ययन का दावा है कि आने वाले महीनों में भी यह रुझान जारी रहेगा। इसमें दावा किया गया है कि यूटिलिटि व्हीकल और नए मॉडल लॉन्च भारतीय यात्री वाहन बाजार में बढ़ोतरी को और आगे बढ़ाएंगे। इसमें कहा गया है कि ज्यादा ओईएम ने घरेलू बाजार के लिए उपयुक्त नए इलेक्ट्रिक वाहनों को बाजार में लाने की योजना बनाई है। जो ओवरऑल ग्रोथ को बढ़ावा देने वाले ईवी को अपनाने को बढ़ावा दे सकता है।
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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यात्री वाहन सेगमेंट भारत में कुल घरेलू बिक्री का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा लेता है। इसमें आगे कहा गया है कि वित्त वर्ष 2024 के पहले नौ महीनों में यात्री वाहन घरेलू बिक्री में साल-दर-साल 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसने यह भी कहा कि विभिन्न ओईएम से बेहतर वाहन उपलब्धता और नए और फेसलिफ्टेड मॉडल के आने से लगातार दो वित्तीय वर्षों तक सेगमेंट की विकास रफ्तार जारी रही।
छोटी कार सेगमेंट चिंता का विषय बना रहेगा
पिछले कुछ वर्षों में भारत में छोटी कारों की मांग में लगातार गिरावट देखी जा रही है। एंट्री-लेवल हैचबैक, जो कभी भारतीय यात्री वाहन बाजार के विकास इंजन हुआ करती थीं, उनकी बिक्री में सुस्ती देखी जा रही है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि उच्च ब्याज दरों और आर्थिक मुद्रास्फीति के कारण आने वाले महीनों में भी छोटी कारों की मांग में गिरावट जारी रहेगी। हालांकि, रेटिंग एजेंसी ने दावा किया है कि प्रीमियम वैरिएंट की मांग बेहतर रहने की उम्मीद है।