NITI Aayog (नीति आयोग) ने भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। केंद्रीय एजेंसी ने इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने के लिए E-Amrit (ई-अमृत) नाम के एक मोबाइल एप की घोषणा की है।
NITI Aayog (नीति आयोग) ने भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। केंद्रीय एजेंसी ने इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने के लिए E-Amrit (ई-अमृत) नाम के एक मोबाइल एप की घोषणा की है। ई-अमृत अब तक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के लिए एक पोर्टल हुआ करता था जिसका मकसद ईवी के सभी पहलुओं के लिए वन-स्टॉप-शॉप बनना था। नया एप एंड्रॉयड-आधारित स्मार्टफोन के लिए जल्द ही गूगल प्लेस्टोर पर लॉन्च किया जाएगा। नीति आयोग ने एक रिपोर्ट भी जारी की है जिसमें कहा गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के कारण भारत का ऊर्जा भंडारण अब तक के उच्चतम स्तर तक पहुंचने की संभावना है।
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Electric Car
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ये होगा फायदा
e-AMRIT एप यूजर्स को इंगेजमेंट टूल्स (जुड़ने के उपकरण) जैसी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है जो उन्हें इलेक्ट्रिक वाहनों के लाभों का आकलन करने, बचत का निर्धारण करने और भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार और उद्योग में विकास के बारे में सभी जानकारी उनकी उंगलियों पर हासिल करने में सक्षम बनाता है।
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Electric Car
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नीति आयोग द्वारा साझा की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस दशक के आखिर तक भारत में 600 गीगावाट घंटे की बैटरी स्टोरेज क्षमता होगी। रिपोर्ट में कहा गया है, "हमारे विश्लेषण के आधार पर, भारत में बैटरी स्टोरेज की कुल संचयी क्षमता 2030 तक 600 GWh होगी, जो कि बेस केस परिदृश्य को देखते हुए और भारत में बैटरी स्टोरेज को अपनाने के लिए ईवी और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेगमेंट में मांग प्रमुखता से बढ़ने का अनुमान है।"
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Tata Nexon EV
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'एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी रीयूज एंड रिसाइक्लिंग मार्केट इन इंडिया' शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि, "भारत में, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), स्थिर भंडारण और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को बैटरी स्टोरेज को अपनाने के लिए प्रमुख मांग चालक होने का अनुमान है।" रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजली ग्रिड में परिवहन और बैटरी ऊर्जा भंडारण का विद्युतीकरण बैटरी की मांग के विकास में प्रमुख चालक होने की उम्मीद है।
नीति आयोग के सीईओ परमेश्वरन अय्यर ने कहा कि भारत में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, सरकार के साथ-साथ ऑटो उद्योग और विदेशी भागीदारी से भारत के ईवी अपनाने को अगले दशक में तेजी से बढ़ने में मदद मिलेगी।