सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में लगभग 92,000 किलोमीटर नेशनल हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्गों) का निर्माण करके एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। MoRTH सचिव अनुराग जैन के अनुसार, यह आंकड़ा आगामी महीने के आखिर तक बढ़कर 95,000 किलोमीटर हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल रोड फेडरेशन (IRF) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, जैन ने परिवहन योजना में क्रांति लाने और दूरगामी परिवहन मॉडल विकसित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी को अपनाने पर मंत्रालय की प्राथमिकता का जिक्र किया।
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जैन ने अनुमानित भीड़भाड़ को पूरा करने और अगले पांच दशकों के लिए बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किए गए हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये कॉरिडोर संभावित यातायात चुनौतियों का समाधान करने में महत्वपूर्ण हैं।
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एनएच पर ज्यादातर ब्लैक स्पॉट का समाधान
जैन ने खुलासा किया कि मंत्रालय ने देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर ज्यादातर ब्लैक स्पॉट्स की सावधानीपूर्वक पहचान की है और उनके समाधान को प्राथमिकता दी है। उन्हें मार्च 2025 के आखिर तक कम करने की योजना है।
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इंफ्रास्ट्रक्चर की बदलती भूमिका
IRF के अध्यक्ष अनवर बेनाजौज ने बुनियादी ढांचा योजनाकारों, डिजाइनरों और ठेकेदारों की बदलती भूमिका पर जोर दिया। उन्हें इस क्षेत्र में दक्षता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए उभरती टेक्नोलॉजी, डिजिटल टूल्स और इंटेलिजेंट ट्रांस्पोर्ट सिस्टम (ITS) को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया।
सड़क बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण
IRF के अध्यक्ष एमेरिटस के के कपिला ने बढ़ती जनसंख्या बढ़ोतरी और बढ़ते शहरीकरण के रुझानों को एडजस्ट करने के लिए सड़क बुनियादी ढांचे के विकास के आधुनिकीकरण की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने परिवहन परिदृश्य की बदलती मांगों को पूरा करने के लिए मॉडर्न इक्यूप्मेंट, अत्याधुनिक तकनीकों, टिकाऊ सामग्रियों और व्यापक नीतिगत दिशानिर्देशों के इंटीग्रेशन की वकालत की।
उन्होंने कहा कि MoRTH और IRF जैसे संगठनों के सहयोगी प्रयास इनोवेशन लाने और परिवहन क्षेत्र को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह सुनिश्चित करते हुए कि यह भविष्य की चुनौतियों के लिए लचीला और अनुकूल बन रहे हैं।