हफ्तों की अटकलों और चीन में उत्पादन बंद करने की योजना की रिपोर्ट के बाद Stellantis (स्टेलंटिस) आधिकारिक तौर पर दुनिया के सबसे बड़े कार बाजार से बाहर हो जाएगा। स्टेलंटिस देश में जीप वाहनों के निर्माण के लिए Guangzhou Automobile Group Co (GAC), गुआंगजौ ऑटोमोबाइल ग्रुप कंपनी (जीएसी) के साथ एक जॉइन्ट वेंचर (संयुक्त उद्यम) में है। लेकिन हाल के दिनों में इसका चलना काफी मुश्किल हो गया है।
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Jeep Compass
- फोटो : Jeep Compass
नियंत्रण हिस्सेदारी लेने में असमर्थ होने के बाद स्टेलंटिस ने इस साल की शुरुआत में जीएसी के साथ संयुक्त उद्यम को पहले ही खत्म कर दिया था। स्टेलंटिस के सीईओ कार्लोस तवारेस ने मौजूदा स्थिति के कारणों में से एक के रूप में भू-राजनीतिक तनाव की ओर इशारा किया था। जिसके बाद जीएसी ने तीखी फटकार लगाई थी और जिसने 'गहरा झटका' लगने की बात कही। लगभग चार वर्षों से बिक्री में गिरावट आई है और Cherokee (चेरोकी) और Compass (कंपास) जैसे मॉडल ग्राहकों को लुभाने में नाकाम रहे हैं। हालांकि स्टेलंटिस चीनी बाजार में प्रवेश करने वाली सबसे पुरानी विदेशी कंपनियों में से एक है, लेकिन स्थानीय निर्माताओं से बढ़ती प्रतिस्पर्धा बाजार की गर्मी को बढ़ा रही है।
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Jeep Grand Cherokee
- फोटो : Jeep
अभी के लिए, स्टेलंटिस ने एक प्रेस बयान के जरिए सूचना दी है कि वह देश में मौजूदा जीप ग्राहकों को सर्विस प्रदान करना जारी रखेगी। वहीं, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक जीएसी ने संयुक्त उद्यम पर रौशनी डाला है, इसकी 7.3 अरब युआन (एक अरब डॉलर) की संपत्ति का लगभग 111 प्रतिशत देनदारियां थीं। लेकिन स्टेलंटिस के दिवालिया का आवेदन दाखिल करने से उसके खुद के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
लेकिन जीएसी का अपने परिचालन पर ज्यादा असर नहीं दिखता है, लेकिन विदेशी ब्रांडों को टक्कर देने के लिए आगे की राह आसान नहीं है। चाइना पैसेंजर कार एसोसिएशन के अनुसार, चीनी बाजार में विदेशी ऑटो निर्माताओं की हिस्सेदारी पिछले साल 5.5 प्रतिशत गिरकर 45.6 प्रतिशत हो गई।