जम्मू-कश्मीर को अपना पहला फास्टैग-इनेबल्ड पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम मिल गया है, जिसे हाल ही में सामान्य बस स्टैंड पर लॉन्च किया गया। पार्किंग का उद्घाटन आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव धीरज गुप्ता ने किया। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने वाहनों को पार्क करके यातायात अनुशासन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान पार्किंग की संख्या बढ़ी है और लोगों को इसका फायदा उठाना चाहिए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : For Reference Only
यह पहल जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के बीच साझेदारी की वजह से संभव हो पाया है। गुप्ता ने यह भी कहा कि प्रशासन केंद्र शासित प्रदेश में एक प्रभावी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित करने के लिए मदद मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि जेडीए और जम्मू नगर निगम (जेएमसी) सहित जम्मू में सभी पार्किंग स्थलों को शामिल करने के लिए इस पार्किंग मॉडल को उन्नत करने की जरूरत है। इससे कैशलेस और पेपरलेस पार्किंग की सुविधा आसान होगी। अधिकारी के मुताबिक, पार्किंग 'पार्क' नाम के एक एप के जरिए काम करती है। इससे लोग को पार्किंग स्पेस आसानी से खोज सकते हैं, बुक और प्रीपे कर सकते हैं।
इसके अलावा, वे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पार्किंग स्पॉट का भुगतान करने के लिए अपनी कारों पर FASTag (फास्टैग) का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो जम्मू में अपनी तरह की पहली और देश में दूसरी पहल है। इससे पहले पिछले साल जुलाई में दिल्ली के कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर भारत की पहली फास्टैग आधारित पार्किंग सुविधा शुरू की गई थी।
FASTag विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ाने के लिए भारत सरकार की पहल के हिस्से के रूप में आता है। फास्टैग विभिन्न बैंकों और डिजिटल वॉलेट एग्रीगेटर्स द्वारा जारी किए जाते हैं। FASTag लगे वाहनों के विंडशील्ड पर एक स्टीकर चिपका होता है। स्टिकर में एक चिप होती है जो यूजर के बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट से जुड़ी होती है।