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Electric Cycles: क्या इलेक्ट्रिक साइकिल चलाकर काबू में रख सकते हैं टाइप 2 डायबिटीज, नए अध्ययन में खुलासा

Mon, 23 Oct 2023 07:10 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Cycling - फोटो : Pixabay
टाइप 2 डायबिटीज (मधुमेह) बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि बेहद फायदेमंद हो सकती है। लेकिन आप नियमित और रूटीन-आधारित एक्सरसाइज (व्यायाम) को एक मजेदार काम में कैसे बदल सकते हैं? क्या इलेक्ट्रिक साइकिल इसका जवाब है!

ब्रिस्टल विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि इलेक्ट्रिक साइकिल पर पैडल चलाने से मध्यम-तीव्रता वाली एक्सरसाइज हो जाती है। यह उन लोगों के लिए मददगार हो सकता है जो टाइप 2 डायबिटीज का मैनेजमेंट तो करना चाहते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा थकावट वाली एक्सरसाइज से बचना चाहते हैं। अध्ययन मोटे तौर पर यह मानता है कि टाइप 2 डायबिटीज वाले कई लोग एक्सरसाइज वाले रूटीन से दूर भागते हैं। और ऐसे में, इलेक्ट्रिक साइकिल का विकल्प बढ़िया हो सकता है।
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Cycling - फोटो : Pixabay
इलेक्ट्रिक साइकिलें मूल रूप से ऐसी साइकिलें होती हैं जिनमें एक बैटरी और एक मोटर लगी होती है। ऐसी साइकिलों का इस्तेमाल किसी भी अन्य पारंपरिक साइकिल की तरह किया जा सकता है। जिसमें आगे की ओर पैडल मारने की मांसपेशियों की शक्ति लगती है। लेकिन जरूरत पड़ने पर, बैटरी सहायक पैडलिंग के लिए मोटर को भी पावर दे सकती है। जिससे हृदय संबंधी व्यायाम (कार्डियोवास्कुलर एक्सरसाइज) करना आसान हो जाता है।
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Cycling - फोटो : Pixabay
ब्रिस्टल विश्वविद्यालय का अध्ययन इस बात पर रोशनी डालना चाहता है कि एक इलेक्ट्रिक साइकिल एक रेगुलर साइकिल की तुलना में लोगों को संभावित रूप से कहीं ज्यादा प्रेरित कर सकता है। अध्ययन में कहा गया है, "टाइप 2 डायबिटीज के मैनेज करने में शारीरिक गतिविधि एक प्रमुख हिस्सा है। हालांकि, इस आबादी में शारीरिक गतिविधि की दर कम है। इलेक्ट्रिक पावर वाली साइकिलिंग को एक ऐसे साधन के रूप में पहचाना गया है जिसके जरिए पारंपरिक साइकिलिंग की कुछ बाधाओं को दूर करते हुए रोजमर्रा के जीवन में गतिविधि को शामिल करके शारीरिक गतिविधि को बढ़ाया जा सकता है।"

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Cycling - फोटो : istock
टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों लोगों के एक छोटे समूह को इस अध्ययन में शामिल किया गया था। हालांकि इनकी संख्या कितनी थी इसका खुलासा नहीं किया गया है। अध्ययन के दौरान यह पाया गया कि जिन लोगों को इलेक्ट्रिक साइकिल दी गई, वे पारंपरिक साइकिल वालों की तुलना में इसका इस्तेमाल करने के लिए ज्यादा उत्सुक थे। अध्ययन से पता चला, "आहार या अन्य प्रकार के व्यायाम की तुलना में ई-साइक्लिंग को डायबिटीड के मैनेजमेंट का एक आसान तरीका माना जाता है। जिसकी मुख्य वजह राइडिंग का मजा है।"
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Cycling - फोटो : Social Media
इलेक्ट्रिक साइकिल उन लोगों की भी मदद करती है जिन्हें अन्यथा जोड़ों और मांसपेशियों से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। पैडल असिस्ट फीचर उन लोगों की आवाजाही को आसान बना देता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। इसके जरिए राइडर तुलनात्मक रूप से लंबी राइडिंग भी कर लेते हैं, जो बदले में समान मात्रा में शारीरिक लाभ प्रदान करता है।
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