air pollution
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ये होगा असर
नाइट्रस ऑक्साइड
बीएस6 आने के बाद पेट्रोल इंजन 25 फीसदी कम उत्सर्जन करेंगे, जबकि डीजल इंजन जबरदस्त 68 फीसदी कम नाइट्रस ऑक्साइड का उत्सर्जन करेंगे।
पार्टिकुलेट मैटर
पहली बार बीएस6 मानक आने के बाद पार्टिकुलेट मैटर से पैदा होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी। पेट्रोल इंजन में यह घट कर 4.5 मिली ग्राम प्रति किमी तक हो जाएगा। वहीं डीजल वाहन भी इसी स्तर पर उत्सर्जन करेंगे, जो बीएस4 डीजल वाहनों से 82 फीसदी तक कम होगा।
हाइड्रोकार्बन
बीएस6 पेट्रोल वाहनों के उत्सर्जन मानकों में कोई बदलाव नहीं होगा, जबकि डीजल वाहनों में हाइड्रोकार्बन और ऑक्साइड्स ऑफ नाइट्रोजन घट कर 432 फीसदी तक हो जाएगा।