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Electric Vehicles: तीन साल में पेट्रोल-डीजल वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहन बनाना होगा सस्ता, शोध में दावा

Fri, 08 Mar 2024 08:03 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Electric Car - फोटो : For Reference Only
नजदीकी भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन ज्यादा किफायती हो सकते हैं। क्योंकि अमेरिका स्थित बाजार अनुसंधान विश्लेषण कम उत्पादन लागत और सस्ती बैटरी कीमतों की ओर इशारा कर रहा है। अमेरिका स्थित फर्म गार्टनर ने एक शोध जारी किया है जो कहता है कि यह परिवर्तन 2027 तक जल्दी हो जाएगा। शोध में कहा गया है कि विभिन्न कारकों के कारण इलेक्ट्रिक वाहन अगले तीन वर्षों के भीतर रेगुलर पेट्रोल और डीजल कारों की तुलना में उत्पादन में सस्ते हो जाएंगे।
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Electric Car - फोटो : For Reference Only
गार्टनर के मुताबिक, 2027 में इलेक्ट्रिक वाहनों की औसत उत्पादन लागत, ईवी बैटरी की लागत से बहुत तेजी से कम हो जाएगी। ईवी बैटरी ऐसे वाहनों की कुल कीमत में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान करती है। गार्टनर ने कहा कि उनका विश्लेषण "ऐसे इनोवेशन पर आधारित था जो उत्पादन लागत को सरल बनाते हैं। जैसे कि सेंट्रलाइज्ड व्हीकल आर्किटेक्चर (केंद्रीयकृत वाहन वास्तुकला) या गीगाकास्टिंग की शुरुआत जो मैन्युफेक्चरिंग लागत और असेंबली समय को कम करने में मदद करती है।"
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Electric Car - फोटो : Pixabay
गीगाकास्टिंग को टेस्ला जैसे ईवी निर्माताओं द्वारा अग्रणी किया गया है। यह वाहन के नीचे के बड़े एकल टुकड़े बनाने के लिए एक कास्टिंग मशीन है जो न सिर्फ उत्पादन को सुव्यवस्थित करती है बल्कि रोबोटिक्स के काम को भी कम करती है। गार्टनर के उपाध्यक्ष अनुसंधान पेड्रो पाचेको ने कहा, "इस (नई तकनीक) का मतलब है कि बीईवी (बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल) की लागत आईसीई (इंटरनल कंब्शन इंजन) की लागत के बराबर बहुत तेजी से पहुंचेगी। लेकिन साथ ही, यह बीईवी की कुछ मरम्मत को काफी महंगा बना देगा।"

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nitin gadkari electric vehicles - फोटो : For Reference Only
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी गार्टनर के इस अनुमान को साझा करते हैं कि नजदीकी भविष्य में ईवी की लागत कम या आईसीई समकक्षों के बराबर होगी। उन्होंने हाल ही में कहा था, "इलेक्ट्रिक वाहन लोकप्रिय हो गए हैं। पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक वैरिएंट के बीच लागत अंतर ज्यादा अपनाने में एक प्रमुख समस्या है। मेरा अनुमान है कि डेढ़ साल के भीतर इलेक्ट्रिक वाहनों और इंटरनल कंब्शन इंजन वाहनों की लागत बराबर हो जाएगी।"
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Electric Car - फोटो : For Reference Only
गार्टनर के शोध में यह भी बताया गया है कि दुर्घटना के बाद ईवी बॉडी या बैटरी की मरम्मत में अगले तीन वर्षों में लगभग 30 प्रतिशत ज्यादा खर्च आएगा। इसने कहा कि नई तकनीक इलेक्ट्रिक कारों की मरम्मत को महंगा बना देगी। शोध में कहा गया है, "ईवी उत्पादन लागत में तेजी से कमी को उच्च मरम्मत लागत की कीमत पर नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि यह लंबे समय में उपभोक्ताओं की ओर से प्रतिक्रिया पैदा कर सकता है।"
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Electric Car - फोटो : For Reference Only
गार्टनर ने अपने लेटेस्ट शोध विश्लेषण में यह भी कहा कि पिछले दशक से स्थापित सभी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं में से कम से कम 15 प्रतिशत का, 2027 तक अधिग्रहण कर लिया जाएगा या वे दिवालिया हो जाएंगे। हालांकि, इसने स्पष्ट किया, यह निष्कर्ष चिंताजनक नहीं है। पाचेको ने कहा, "इसका मतलब यह नहीं है कि ईवी क्षेत्र ढह रहा है। यह बस एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। जहां सबसे बढ़िया उत्पादों और सर्विस वाली कंपनियां अन्यों पर विजय हासिल करेंगी।" फिस्कर, रिवियन, पोलस्टार, ली ऑटो और निओ जैसी ईवी निर्माता कुछ वैश्विक दिग्गज हैं जो पहले से ही वित्तीय संकट के बीच विकास करने में परेशानी का सामना कर रहे हैं।
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