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कैसे बढ़ाएं कार का माइलेज, ये 10 टिप्स करेंगे आपकी मदद

Wed, 04 Mar 2020 11:47 AM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Tata Altroz Vs Honda Jazz vs Hyundai i20 Vs Maruti Baleno Fuel Mileage - फोटो : AmarUjala
जैसे-जैसे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो रहा हैं, वैसे ही गाड़ी के माइलेज को लेकर लोगों की बैचेनी बढ़ने लगती है। इंटरनेट पर टिप्स और ट्रिक्स खोजने का सिलसिला शुरू हो जाता है। हजारों जानकारियों में से सही टिप्स खोजना आसान काम नहीं है। वहीं सोशल मीडिया पर भी तमाम तरह के अफवाहें भी चलती रहती हैं कि ऐसा करने से गाड़ी ज्यादा माइलेज देगी। आइए जानते हैं आज कुछ ऐसे ही सोशल मीड़िया पर चलने वाले मिथकों के बारे में...   
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Petrol Pump Filling - फोटो : Amar Ujala

मिथक नंबर- एक : सुबह भरवाएं तेल, मिलेगा ज्यादा माइलेज

यह काफी पॉपुलर मिथक है। सीएनजी के मामले में तो यह सही है, लेकिन पेट्रोल-डीजल को लेकर यह बिल्कुल गलत है। इसके पीछे यह तर्क दिया जाता है कि गर्मी या उष्मा की वजह से ईंधन फैलता है, वहीं अगर सुबह पेट्रोल-डीजल ठंडा होगा, तो टैंक में ज्यादा आएगा। इस तर्क में आधी सच्चाई है और आधा झूठ है। गर्मी की वजह से पेट्रोल फैलता है, यह सही है, लेकिन ईंधन को जमीन के नीचे टैंकों में स्टोर किया जाता है, जहां बढ़ती गर्मी की पेट्रोल के घनत्व में कोई भूमिका नहीं होती है, इसलिए जब भी आप चाहें गाड़ी का टैंक फुल करवा सकते हैं।
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Petrol Pump Car - फोटो : Amar Ujala

मिथक नंबर- दो: गाड़ी में कम तेल, इंजन को नुकसान

यह आमतौर पर लोगों में गलत धारणा है कि अगर गाड़ी में तेल का स्तर का कम है, इंजन को नुकसान होता है और कम माइलेज मिलता है। फ्यूल टैंक इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि तेल इंजन तक पहुंचता रहे। जैसे ही इंजन तक तेल पहुंचना बंद होगा, इंजन अपने आप बंद हो जाएगी और गाड़ी रास्ते में ही रूक जाएगी। हां अगर तेल की क्वॉलिटी खराब है, तो निश्चित तौर पर इंजन के पार्ट्स पर असर पड़ेगा।

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petrol pump

मिथक नंबर- तीन: आम ईंधन के मुकाबले प्रीमियम फ्यूल से मिलता है ज्यादा माइलेज

पेट्रोल पंप पर जाते हैं तो वहां बड़े-बड़े विज्ञापन दिखाई देते हैं कि प्रीमियम या पावर फ्यूल। दावा किया जाता है कि इसे डलवाने के बाद इंजन की परफॉरमेंस बढ़ जाएगी। जहां रेगुलर फ्यूल में जहां 87 नंबर ऑक्टेन होते हैं, वहीं प्रीमियम में 91 से 97 तक ऑक्टेन होता है। ज्यादा ऑक्टेन होने का फायदा यह है कि इससे फ्यूल की इग्निगेशन क्वॉलिटी बढ़ जाती है। इससे माइलेज तो नहीं बढ़ता लेकिन पिकअप जरूर बढ़ जाता है।
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car mileage

मिथक नंबर- चार: आपकी कार की माइलेज रीडिंग हैं गलत

फ्यूल गेज बताता है कि गाड़ी के टैंक में कितना ईंधन बचा है। लेकिन गाड़ी कितना माइलेज दे रही है इसकी कैलकुलेशन छोटी ड्राइव में नहीं की जा सकती है। इसके लिए टैंक फुल कराने के बाद लॉन्ग ड्राइव करके ही सही माइलेज का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह तथ्य सही है कि कंपनियां कार का सिटी माइलेज और हाईवे का माइलेज अलग-अलग देती हैं। गलत रीडिंग की बात बिल्कुल बेबुनियाद है।
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Car turbo engine

ये हैं माइलेज बढ़ाने के कुछ टिप्स

1. इंजन को हमेशा ट्यून रखें

अगर आपका इंजन प्रदूषण जांच के दौरान ज्यादा धुआं छोड़ रहा है, तो समझ लें कि उसे ट्यूनिंग की जरूरत है। ऐसा करने से आपकी कार का माइलेज चांर फीसदी तक बढ़ सकता है। वहीं अगर आप कार का ऑक्सिजन सेंसर बदलवाते हैं, तो माइलेज 40 फीसदी तक बढ़ सकता है।
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puncture car tyre

2. टायरों में रखें सही हवा

बेहतर माइवेजज क लिए गाड़ी के टायरों में हवा का सही प्रेशर होना जरूरी है। ड्राइवर डोर, डोर पिलर या ग्लोव बॉक्स आसपास आप टायर का सही प्रेशर जान सकते हैं। अगर टायर में ज्यादा प्रेशर होगा तो इससे उनकी उम्र कम होगी। टायर्स में नाइट्रोजन भी भरवा सकते हैं। साथ ही टायर्स की कंडीशन भी सही होनी चाहिए।

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Car engine oil

3. गलत इंजन ऑयल

इंजन ऑयल कार इंजन का अहम हिस्सा होता है, जो इंजन के पार्ट्स को लुब्रीकेटेड रखता है। इंजन ऑयल इस्तेमाल करने से पहले जान लें कि आपकी कार में किस ग्रेड का इंजन ऑयल पड़ता है। गलत इंजन ऑयल से माइलेज घटेगा, साथ ही पार्ट्स की उम्र की कम होगी।

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पेट्रोल पंप - फोटो : amar ujala

4. खराब क्वॉलिटी का तेल

फ्यूल डलवाते समय इसका बेहद ध्यान रखें। किसी अच्छे रेपुटेड पेट्रोल पंप से ही तेल भरवाएं। साथ ही तेल भरवाने का बाद बिल लेना न भूलें। तेल भरवाने से पहले एडिटिव्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे इंजन की परफॉरमेंस बढ़ेगी, साथ ही फ्यूल इंजेक्टर्स नोजल भी साफ रहेंगे।

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car Speed Alert System - फोटो : सांकेतिक

5. रफ्तार से करें तौबा

लोग सोचते हैं कि गाड़ी की रफ्तार भी तेज रहे और गाड़ी माइलेज भी भरपूर दे। लेकिन इनमें से एक ही संभव है। गाड़ी को हाईवे पर 80 से ऊपर न दौड़ाएं। बार-बार एसीलरेट करने से इंजन माइलेज घटता है। सिटी ड्राइविंग में भी इसका ध्यान रखें।
 

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Clutch use in car - फोटो : Social

6. क्लच का ज्यादा इस्तेमाल

अगर आप क्लच पर पैर रख कर ड्राइव करते हैं, तो संभल जाएं। मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कार में इसका बेहद ध्यान रखना पड़ता है। लोगों की गाड़ियो की क्लच प्लेट 70-80 हजार किमी की ड्राइविंग के बाद भी नहीं बदलती है, वहीं कुछ की 20-25 हजार किमी पर बदलनी पड़ती है। इसका मतलब है कि आपकी ड्राइविंग हैबिट खराब है। जरूरत पड़ने पर क्लच का प्रयोग करें।

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do not use gear lever like Car Armrest - फोटो : Social

7. सही गियर में गाड़ी चलाएं

मैनुअल ट्रांसिमशन वाली कारों में गियर लगाते वक्त ध्यान रखना चाहिए। सही स्पीड पर सही गियर का इस्तेमाल करें। सही रफ्तार पर कौन सा गियर हो, इसके पहले यूजर मैनुअल पढ़ लें।

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Car AC mileage - फोटो : Social

8. एयर कंडीशन का ज्यादा इस्तेमाल

अगर आप एसी का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, जो आपकी गाड़ी कम माइलेज देगी। एसी को पावर की जरूरत होती, जो उसे इंजन से मिलती है। अगर इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ेगा तो उसकी परफॉरमेंस में भी कमी आएगी और ज्यादा तेल खर्च करेगा। जब तक गर्मी बर्दाश्त हो, तब तक शीशे नीचे रखें, खासतौर पर सिटी ड्राइविंग में कम से कम एसी का इस्तेमांल करें।

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high speed car - फोटो : Google

9. एक समान गति बनाएं रखें                     

अगर आपको ज्यादा माइलेज चाहिए, तो गाड़ी को क्रूज करें। यानी कि एक रफ्तार पर दौड़ाएं, न बहुत तेज और न ही बहुत धीरे। 80 की रफ्तार पर हाईवे पर ड्राइविंग कर सकते हैं, इससे फ्यूल कम खर्च होगा।
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sedan cars boot space - फोटो : सांकेतिक फोटो

10. ज्यादा लगेज, कम माइलेज

फालतू का लगेज साथ लेकर न चलें। ज्यादा वजन से गाड़ी के इंजन पर दबाव पड़ता है, जिससे माइलेज कम मिलता है। गाड़ी में किसी भी तरह की ओवरलोडिंग से बचें, जरूरत का सामान ही साथ लेकर चलें। गाड़ी के मैनुअल में लोडिंग लिमिट लिखी होती है, उसे ध्यान रखें। ज्यादा सामान से कार के सस्पेंशन, टायर्स और ट्रांसमिशन पर जोर पड़ता है। वहीं रूफ रैक पर सामान रखने से एयरफ्लो बाधित होता है, जिससे गाड़ी दो से 20 फीसदी तक कम माइलेज देती है।
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