फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस कार को 'खोजने' पर ईनाम में मिलेगी शानदार लाल रंग की ‘एंबेसडर’

Mon, 01 Jul 2019 07:28 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
walter Wiith Red Ambassdor - फोटो : Twitter
जर्मनी के भारत में राजदूत वाल्टर जे लिंडनर को लोग उनके नाम से कम उनकी कार के लिए ज्यादा जानते हैं। उनके पास लाल रंग की एंबेसडर कार है, जिसे वे ‘बेबी एंबी’ के नाम से पुकारते हैं। लुटियन सर्किल में उनकी कार खासी प्रसिद्ध है। अपने शौक के चलते अब उन्होंने एक खास कॉन्टेस्ट का आयोजन किया है। उनकी इस खास प्रतियोगिता के विजेताओं को वे लाल रंग की ‘एंबेसडर’ कार गिफ्ट में देंगे।
 
विज्ञापन

जर्मनी के भारत में नए राजदूत

2 of 7
Wallter Amby - फोटो : Twitter
वाल्टर जे लिंडनर जर्मनी के भारत में नए राजदूत हैं और हाल ही में उन्होंने यह पदभार संभाला है। लेकिन लिंडनर की खासियतें उन्हें सोशल मीडिया की दुनिया से बाहर आम भारतीयों के बीच भी मशहूर बना रही हैं। लिंडनर को प्यार है कभी देश की सड़कों और राजनीतिक हस्तियों की शान रही हिन्दुस्तान एंबेसडर से। वह एंबेसडर कार जिसे कभी राजनीतिक हस्तियों की पैठ सवारी माना जाता था। बदलते वक्त के साथ लोग एंबेसडर को तो भूल गए, लेकिन वाल्टर इस कार को नहीं भूला पाये।
 
विज्ञापन

कार का मिनिएचर ईनाम में मिलेगा

3 of 7
Red Ambassdor Miniature-1 - फोटो : Twitter
लिंडनर ने अपनी इस कार के प्रति प्रेम जताते हुए एक अनोखी प्रतियोगिता आयोजित की है। इस प्रतियोगिता के विजेताओं को न केवल इस लाल रंग की एंबेसडर कार का मिनिएचर ईनाम में मिलेगा, साथ ही जर्मन एंबेसी की सैर करने का भी मौका मिलेगा। #BabyAmbi Happy clicking कॉन्टेस्ट में दिल्ली की सड़कों पर उनकी कार को स्पॉट कर उसकी फोटो लेकर फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सअप या फिर ट्विटर पर टैग करना है। जीतने वाले को रेंड एंबेस्डर कार का मिनिएचर ईनाम में मिलेगा। लिंडनर का कहना है कि उनके लिये ये कार नहीं बल्कि एक पर्सनैलिटी है।  
 

 

लाल रंग में रिस्टोर कराया

4 of 7
Red Ambassdor Miniature-2 - फोटो : Twitter
लिंडनर जर्मनी के राजदूत हैं, जो कार इंजीनियरिंग का गढ़ माना जाता है। जहां ऑडी, बीएमडब्ल्यू, मर्सडीज, पोर्शे और फॉक्सवैगन जैसी शानदार लग्जरी कारों का जन्म हुआ। भारत आने के बाद अपने शौक को अंजाम देते हुए लिंडनर ने न केवल एक पुरानी एंबेसडर कार खरीदी, बल्कि उसे चटक लाल रंग में रिस्टोर भी कराया। यहां तक कि एंबेसडर बनाने वाली हिंदुस्तान मोटर्स ने भी इसे लाल रंग में लॉन्च तक नहीं किया था।
 
विज्ञापन

राष्ट्रपति से मिलने इसी कार से गये

5 of 7
Walter J Linder with Car - फोटो : Twitter
यहां तक कि राजदूत बनने के बाद लिंडनर 21 मई को देश राष्ट्रपति से मिलने राष्ट्रपति भवन भी गये। जब वे अपनी कार से उतरे तो वहां तैनात अधिकारी भी उनकी इस कार को देखकर खुश हो गए। उनके साथ के लोगों ने उन्हें सलाह दी कि उन्हें किसी BMW या मर्सडीज कार में जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने इसी कार से जाना पसंद किया। वहीं 30 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भी वाल्टर इसी कार से हिस्सा लेने पहुंचे।
 
विज्ञापन

भारतीय संस्कृति से लगाव

6 of 7
Linder in Rikshaw - फोटो : Twitter
वाल्टर को घूमने-फिरने का बेहद शौक है और भारतीय संस्कृति को बेहद करीब से देखते हैं। कुर्ता पायजामा पहनने के शौकीन वाल्टर अकसर वाराणसी में साधुओं के साथ अपनी फोटो शेयर करते रहते हैं, वहीं दिल्ली के खारी बावली में रिक्शे में बैठे भी दिखाई दे जाते हैं। वाल्टर जब 21 साल के थे, तो 1977 में वे वाराणसी भी गए थे। उनके पसंदीदा शहरों में श्रीनगर, जयपुर, देहरादून, ऋषिकेश और बनारस हैं।     
 
विज्ञापन
विज्ञापन

उत्पादन 1958 से लेकर 2014 तक

7 of 7
German Ambassador Red Car - फोटो : Twitter
हिन्दुस्तान एंबेसडर देश की पहली मेड इन इंडिया कार थी और इसका उत्पादन 1958 में शुरू हुआ, जो 2014 तक जारी रहा। अभी भी कुछ एंबेसडर कारें कोलकाता में दिखाई दे जाती हैं। एंबेसडर में 1.9 लीटर का पेट्रोल इंजन लगा था, जो 75 पीएस की पावर और 130 एनएम का टॉर्क देता था। वहीं 2 लीटर का डीजल इंजन 56 पीएस की पावर और 112 एनएम का टॉर्क देता है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें