दिल्ली, जो कभी देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की दौड़ में सबसे आगे मानी जाती थी, अब इस क्षेत्र में धीमी होती नजर आ रही है। राजधानी में इलेक्ट्रिक व्हीकल रजिस्ट्रेशन में आई तेज गिरावट ने साफ और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह सब्सिडी का हटना माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें - FASTag Annual Pass: 15 अगस्त से लागू होगा नया फास्टैग वार्षिक पास, जानें कीमत, वैधता और फायदे
एक समय 19.5% तक पहुंची थी ईवी बिक्री, अब सिर्फ 4.8%
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2023 में दिल्ली में कुल वाहनों की बिक्री में से 19.5 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन थे। लेकिन जुलाई 2025 तक यह आंकड़ा गिरकर सिर्फ 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गया है। बीते महीने कुल 67,000 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ, लेकिन इनमें से सिर्फ 3,425 वाहन ही इलेक्ट्रिक थे।
यह भी पढ़ें - Oben Rorr EZ Sigma: ओबेन रोर ईजी सिग्मा इलेक्ट्रिक बाइक लॉन्च, 175 किमी रेंज, जानें कीमत और फीचर्स