फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

E20 Petrol: ई20 फ्यूल का बदलाव, कार मालिकों की उलझन और असली सच

Wed, 13 Aug 2025 09:31 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत अब 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल यानी E20 (ई20) पर शिफ्ट हो गया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव 2030 की तय समय-सीमा से पूरे पांच साल पहले हो गया।
विज्ञापन
1 of 5
पेट्रोल पंप - फोटो : AI
भारत अब 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल यानी E20 (ई20) पर शिफ्ट हो गया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव 2030 की तय समय-सीमा से पूरे पांच साल पहले हो गया। दावा यह भी है कि इससे वाहन प्रदूषण में बड़ी कमी आएगी और तेल आयात का खर्च घटेगा। लेकिन दूसरी तरफ, कार मालिकों को चिंता है कि ई20 पेट्रोल से उनकी गाड़ियों के इंजन और परफॉर्मेंस पर बुरा असर पड़ेगा।

सोशल मीडिया पर कई लोग कह रहे हैं कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल से माइलेज घटता है, इंजन के पार्ट्स में जंग लग सकती है और कई अहम हिस्से खराब हो सकते हैं। सरकार इन दावों को निराधार बता रही है।

यह भी पढ़ें - Driverless Buses: आईआईटी हैदराबाद में शुरू हुई AI से चलने वाली ड्राइवरलेस बसें, जानें डिटेल्स
विज्ञापन

2 of 5
पेट्रोल पंप - फोटो : AI
ई20 पेट्रोल पर कार कंपनियों की चुप्पी
अप्रैल 2023 से पहले बनी ज्यादातर गाड़ियां ई20 पेट्रोल के लिए डिजाइन नहीं की गई थीं। कई पुराने कार मालिक पहले ही माइलेज कम होने की शिकायत कर रहे हैं। कुछ लोग तो 25 प्रतिशत तक माइलेज गिरने की बात कह रहे हैं। जबकि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) का दावा है कि उनके टेस्ट में सिर्फ 1-6 प्रतिशत की गिरावट दिखी और लंबे इस्तेमाल के बाद भी कोई खास नुकसान नहीं मिला।

सरकार इसी ARAI रिपोर्ट के भरोसे जनता को समझा रही है, लेकिन कार कंपनियां इस मुद्दे पर चुप हैं। नतीजा यह है कि गाड़ियों के मालिकों की चिंता अभी भी कम नहीं हुई है।

यह भी पढ़ें - USD Fork Motorcycles: भारत में सबसे किफायती USD फोर्क वाली टॉप-5 मोटरसाइकिलें, कीमत है डेढ़ लाख रुपये से कम
विज्ञापन

3 of 5
E20 पेट्रोल डिस्पेंसर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AI
क्या ई20 आपकी गाड़ी के लिए खतरा है
अगर आपकी कार, बाइक या स्कूटर ई20-समर्थित नहीं है, तो यह फ्यूल कुछ समय बाद गाड़ी के रबर और प्लास्टिक पार्ट्स को खराब कर सकता है और मेटल पार्ट्स में जंग लगा सकता है। नुकसान की रफ्तार गाड़ी की उम्र और तकनीक पर निर्भर करेगी। जैसे BS3 और BS4 गाड़ियों में जोखिम ज्यादा है, जबकि BS6 गाड़ियों में कम।

लेकिन ई20-समर्थित इंजन वाली गाड़ियों के मालिकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके वाहन इसके हिसाब से डिजाइन किए गए हैं।

यह भी पढ़ें - Odysse Sun: ओडिसी सन इलेक्ट्रिक स्कूटर हुआ लॉन्च, जानें रेंज, कीमत और फीचर्स

4 of 5
पेट्रोल, डीजल कार - फोटो : AI
पुरानी गाड़ियों के लिए ई20 क्यों नुकसानदेह है
इथेनॉल एक हाइग्रोस्कोपिक पदार्थ है यानी यह हवा से नमी खींच लेता है। इसकी वजह से फ्यूल टैंक में पानी मिल सकता है, पेट्रोल-इथेनॉल अलग हो सकते हैं और इंजन को नुकसान हो सकता है। ई20 में ज्यादा इथेनॉल होने के कारण यह प्लास्टिक और रबर पार्ट्स को धीरे-धीरे खराब कर सकता है, जैसे फ्यूल लाइन, होज और गैसकेट। ये पार्ट्स समय के साथ सिकुड़ सकते हैं, फूल सकते हैं या टूट सकते हैं।

यह भी पढ़ें - E20 Petrol: कार्बोरेटेड वाहनों में जब इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल जाता है, तो इंजन में क्या होता है, जानें डिटेल्स
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पेट्रोल पंप - फोटो : AI
क्या गाड़ी कम चलाना विकल्प है? - नहीं
अगर आप सोचते हैं कि गाड़ी ज्यादा नहीं चलाने से बच जाएगी, तो यह गलत है। फ्यूल टैंक में लंबे समय तक ई20 पेट्रोल पड़ा रहना और भी नुकसानदायक हो सकता है।

इसके अलावा, इथेनॉल एक मजबूत सॉल्वेंट है जो फ्यूल टैंक में जमा कचरे को घोल देता है, जिससे फ्यूल फिल्टर और इंजेक्टर जाम हो सकते हैं। इसका नतीजा होगा खराब परफॉर्मेंस, बार-बार वर्कशॉप के चक्कर और महंगा मेंटेनेंस। 

यह भी पढ़ें - Ethanol: गडकरी का पेट्रोल लॉबी पर वार, कहा- मुझे एक भी कार दिखाइए जो इथेनॉल से खराब हुई हो 

यह भी पढ़ें - E20 Fuel: पेट्रोलियम मंत्रालय का बयान- इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को लेकर फैलाया जा रहा डर बेबुनियाद 

यह भी पढ़ें - Ethanol: E20 पेट्रोल को लेकर जनता की चिताओं के बीच नितिन गडकरी बोले- इथेनॉल है भविष्य का ईंधन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें