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Drunk Driving: दिल्ली में नशे में गाड़ी चलाना बेहद आम! इस सर्वेक्षण में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Mon, 19 Feb 2024 05:52 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Drunk Driving - फोटो : Freepik
एक गैर-सरकारी संगठन द्वारा किए गए सर्वेक्षण में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में वाहन मालिक कम से कम एक बार शराब पीकर गाड़ी चला चुके हैं। सर्वेक्षण में शामिल 10 में से 8 लोगों ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने इस यातायात नियम का उल्लंघन किया है, जिसे मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त दंड मिलता है। सर्वेक्षण के मुताबिक नशे में गाड़ी चलाने वालों में चार पहिया और दो पहिया वाहन चालक दोनों शामिल हैं। केंद्र सरकार द्वारा जारी 2022 के सड़क दुर्घटना के आंकड़ों के मुताबिक, नशे में गाड़ी चलाना भारतीय सड़कों पर मौत का एक बड़ा कारण है।
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Drunk Driving - फोटो : For Reference Only
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सामुदायिक संगठन 'कम्यूनिटी अगेंस्ट ड्रंकेन ड्राइविंग' (सीएडीडी) द्वारा किए गए सर्वेक्षण में दिल्ली के 30,000 लोगों से बात की गई, जिनमें 20,776 पुरुष उत्तरदाता शामिल थे। यह सर्वेक्षण पिछले साल 1 अगस्त से 31 दिसंबर के बीच किया गया था। सर्वेक्षण में कहा गया है कि सभी उत्तरदाताओं में से 81.2 प्रतिशत से ज्यादा ने स्वीकार किया कि उन्होंने शराब के नशे में गाड़ी चलाई है।

भारत में सड़क दुर्घटनाओं की उच्च संख्या के पीछे नशे में गाड़ी चलाना एक प्रमुख कारण बना हुआ है। 2022 में, नशे में गाड़ी चलाने से पूरे देश में 3,268 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जो पूरे वर्ष में सभी प्रकार की दुर्घटनाओं का लगभग 10वां हिस्सा है। उसी वर्ष नशे में गाड़ी चलाने के कारण 1,503 लोगों की मौत हो गई, जो उस वर्ष भारत में सड़क दुर्घटनाओं में कुल मौतों का लगभग 11 प्रतिशत है।
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Drunk Driving - फोटो : For Reference Only
नशे में गाड़ी चलाने के अलावा, यातायात नियमों का उल्लंघन जैसे गलत साइड ड्राइविंग, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना और तेज रफ्तार भारतीय सड़कों पर मौत के बड़े कारणों में से कुछ हैं।

दिल्ली पुलिस बल की सख्त गश्ती के बावजूद दिल्ली जैसे शहरों में नशे में गाड़ी चलाने का खतरा बना रहता है। दिल्ली में हर त्यौहार या राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान ऐसे अपराधों के लिए भारी चेकिंग देखी जाती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहले कहा था कि शहर में नशे में गाड़ी चलाने के अपराध में बढ़ोतरी हुई है। 2023 में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 16,000 से ज्यादा लोगों को नशे में गाड़ी चलाने के लिए चालान जारी किया, जो 2022 में 2,225 मामलों से काफी ज्यादा है।

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Breath Analyser Delhi Traffic Police - फोटो : PTI
नशे में गाड़ी चलाना: मोटर वाहन अधिनियम क्या कहता है?
मोटर वाहन अधिनियम स्पष्ट रूप से नशे में गाड़ी चलाने के यातायात नियम का जिक्र करता है। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ड्राइवरों से ब्लड अलकॉहल कंसंट्रेशन (बीएसी) टेस्ट कराने का अनुरोध कर सकते हैं ताकि नशे के स्तर की जांच की जा सके। आमतौर पर, ट्रैफिक पुलिस स्तर निर्धारित करने के लिए ब्रीथ एनालाइजर का इस्तेमाल करती है। नियम कहता है कि यदि रक्त में अल्कोहल का स्तर 30 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर से कम है तो चालक सुरक्षित है।
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Breath Analyser Test Delhi Traffic Police - फोटो : PTI
नशे में गाड़ी चलाना: जुर्माना और जेल की सजा
नशे में गाड़ी चलाने पर जुर्माना और जेल की सजा दोनों लागू हो सकती है। यह सजा सभी तरह के वाहनों पर लागू होती है, जिनमें वाणिज्यिक वाहन, चार पहिया वाहन, तीन पहिया वाहन और दोपहिया वाहन शामिल हैं। पहली बार अपराध करने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना या छह महीने तक की जेल या दोनों हो सकते हैं। यदि कोई बार-बार अपराध करता है, तो जुर्माना बढ़ाकर 15,000 रुपये या दो साल जेल कर दिया जाता है। यातायात पुलिस को बार-बार अपराध करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने का भी अधिकार है।
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