फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

EV: इलेक्ट्रिक वाहन और प्रदूषण, क्या है इसका सच और इससे जुड़ी गलतफहमी, जानें पूरी डिटेल्स

Thu, 13 Nov 2025 09:52 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। लेकिन इसके साथ ही चार्जिंग टाइम से लेकर सुरक्षा और प्रदूषण तक, कई तरह की गलतफहमियां भी फैल रही हैं।
विज्ञापन
1 of 9
Volkswagen ID.4 Electric Car - फोटो : Volkswagen
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। लेकिन इसके साथ ही चार्जिंग टाइम से लेकर सुरक्षा और प्रदूषण तक, कई तरह की गलतफहमियां भी फैल रही हैं। यहां आसान भाषा में साफ-साफ तथ्य दिए गए हैं, ताकि मिथक और सच्चाई के बीच फर्क समझा जा सके।

यह भी पढ़ें -Road Tax: गाड़ी खरीदते समय सबसे बड़ी उलझन- कौन सा टैक्स भरें? लाइफटाइम या पांच साल वाला, कौन-सा विकल्प बेहतर?
विज्ञापन

2 of 9
Electric Car Charging - फोटो : Freepik
क्या ईवी की बैटरी खतरनाक होती है
आज की ईवी बैटरियां एडवांस बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, थर्मल कंट्रोल और कई सुरक्षा लेयर के साथ आती हैं। भारत और दुनिया दोनों में ईवी बैटरियों को कड़े परीक्षण पास करने पड़ते हैं। सही चार्जिंग आदतें और मेंटेनेंस नियम का पालन करने पर ये बिल्कुल सुरक्षित हैं। 

यह भी पढ़ें - Automobile Industry: 'भारत की ऑटो राजधानी', कैसे यह शहर बन गया देश के ऑटोमोबाइल उद्योग का केंद्र 
विज्ञापन

3 of 9
Electric Car - फोटो : FREEPIK
बारिश या पानी भरने पर क्या ईवी चलाना असुरक्षित होता है
ईवी को खास तौर पर मौसम की चुनौतियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाता है। इनकी बैटरियां IP67 रेटेड होती हैं- मतलब बैटरी 1 मीटर गहरे पानी में 30 मिनट तक भी सुरक्षित रहती है। बारिश, बाढ़ या जलभराव वाली सड़कों पर भी शॉर्ट सर्किट का खतरा बहुत कम रहता है।

यह भी पढ़ें - New FASTag Rule 2025: 15 नवंबर से फास्टैग के नए नियम, इन गलतियों से बचें, नहीं तो देना पड़ेगा दोगुना टोल

4 of 9
Tesla Model Y Performance - फोटो : Tesla
चार्जिंग को लेकर भ्रम: क्या ईवी चार्ज करना बहुत समय लेता है
आज की आधुनिक ईवी पहले जैसी नहीं रहीं। फास्ट-चार्जिंग टेक्नोलॉजी की मदद से कई इलेक्ट्रिक कारें सिर्फ 1 घंटे में 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाती हैं। ज्यादातर लोग कार को रात में घर पर ही चार्ज करते हैं, जिससे अगली सुबह बैटरी फुल मिलती है। इसके अलावा, शहरों और हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन तेजी से बढ़ रहे हैं। 

यह भी पढ़ें - Electric Car: ये हैं टॉप-5 मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक कार जिनकी रेंज है सबसे दमदार, कीमत आठ लाख रुपये से शुरू
विज्ञापन

5 of 9
Tesla Model Y Performance - फोटो : Tesla
क्या ईवी की रेंज कम होती है
अब ऐसा नहीं है। आज भारत में बिकने वाली कई ईवी 300 किलोमीटर से ज्यादा रेंज देती हैं। लंबी दूरी की ट्रिप के लिए हाईवे पर फास्ट चार्जर लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे "रेंज एंग्जाइटी" यानी चार्ज खत्म होने का डर काफी कम हो गया है।

यह भी पढ़ें - Maserati EV: मासेराती ने भारत में लॉन्च की ग्रैन टूरिज्मो और ग्रैन कैब्रियो फोल्गोर ईवी, जानें कीमत, रेंज और फीचर्स 
विज्ञापन

6 of 9
चार्जिंग स्टेशन - फोटो : AI
क्या भारत में चार्जिंग स्टेशन कम हैं
सच यह है कि चार्जिंग नेटवर्क लगातार फैल रहा है। आज भारत में 26,000 से ज्यादा पब्लिक चार्जिंग स्टेशन हैं, और कई हाउसिंग सोसायटी, ऑफिस और मॉल में अलग से चार्जिंग प्वाइंट लगाए जा रहे हैं। हालांकि, सभी चार्जर हर समय चालू नहीं रहते और बढ़ती ईवी संख्या के हिसाब से अभी और चार्जिंग स्टेशनों की जरूरत है।

यह भी पढ़ें - Car Sales October 2025: अक्तूबर 2025 की कार बिक्री रिपोर्ट, भारत के टॉप-5 चार्ट में हावी रहीं ये कारें 
विज्ञापन

7 of 9
Electric Car Charging - फोटो : Freepik
क्या ईवी अभी भी आम लोगों के लिए महंगी है
शुरुआती कीमत पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से ज्यादा जरूर होती है, लेकिन तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी और लोकल बैटरी उत्पादन के चलते ईवी धीरे-धीरे सस्ती हो रही हैं। सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी, टैक्स छूट और कम चलने का खर्च ईवी को लंबे समय में काफी किफायती बना देता है।

यह भी पढ़ें - Delhi Blast: दिल्ली विस्फोट मामले में ह्यूंदै i20 मालिक ने की ये बड़ी भूल, कार बेचते वक्त आप न करें ये गलतियां 

8 of 9
Electric Car Charging - फोटो : Freepik
अगर बिजली कोयले से आती है, तो ईवी कैसे "ग्रीन" हुआ
यह सवाल आम है लेकिन जवाब साफ है। ईवी फिर भी पेट्रोल-डीजल कारों से 25-40 प्रतिशत कम उत्सर्जन करती हैं। भारत का एनर्जी मिक्स भी बदल रहा है। सोलर, विंड जैसी ग्रीन ऊर्जा लगातार बढ़ रही है। अगर घर पर सोलर पैनल हैं, तो ईवी कार्बन उत्सर्जन और भी कम कर देती है। 

यह भी पढ़ें - 125cc Bikes: ये हैं सबसे दमदार टॉप-5 वैल्यू-फॉर-मनी 125cc बाइक्स, कीमत है एक लाख रुपये से कम 
विज्ञापन

9 of 9
Electric Car - फोटो : FREEPIK
क्या ईवी सच में प्रदूषण कम करती है
रिपोर्ट के मुताबिक इसका जवाब हां है। और यह सिर्फ दावा नहीं, बल्कि इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के आंकड़ों के अनुसार, ईवी अपने पूरे जीवनकाल में पेट्रोल या डीजल वाहनों की तुलना में 25-40 प्रतिशत कम CO₂ उत्सर्जन करती हैं। जैसे-जैसे भारत की बिजली अधिक "ग्रीन" होती जाएगी, यह अंतर और बढ़ता जाएगा। 

यह भी पढ़ें - Traffic Challan Waiver: दिल्ली सरकार की बड़ी राहत योजना, बकाया ट्रैफिक चालान में एकमुश्त छूट की तैयारी! 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें