Bike Insurance
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यह फ्रॉड पकड़ में कैसे आया
बीमा कंपनी ने जब अपनी आंतरिक जांच शुरू की, तो उन्हें खासकर थर्ड पार्टी दावों में कुछ गड़बड़ नजर आई। ये दावे देश के अलग-अलग एमएसीटी कोर्ट्स में दायर किए गए थे। जांच में पता चला कि धोखेबाजों ने सैकड़ों फर्जी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पते बनाए थे जिनसे ये पॉलिसियां जारी की गईं। सच्चाई ये थी कि सिर्फ 14 बीमा पॉलिसियां ही असली थीं, बाकी सब नकली निकलीं।
कंपनी ने बताया कि साल 2022 से 2023 के बीच कुल 80,014 फर्जी बीमा पॉलिसियां जारी की गईं। इनमें से 74 प्रतिशत पॉलिसियां ऑनलाइन खरीदी गई थीं - यूपीआई, नेट बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड जैसे तरीकों से पेमेंट किया गया था।
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