फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूसरे राज्यों से पुरानी कार खरीदें या नहीं? जानिए फायदा होगा या नुकसान

Mon, 01 Jan 2018 12:08 PM IST
amarujala.com, Presented by: विशाल अहलावत
विज्ञापन
1 of 5
Used Car
अक्सर लोग यह जानना चाहते हैं कि दूसरे राज्यों से अगर सेकेंड हैंड कार खरीदी जाए तो उसका डॉक्यूमेंट का क्या प्रोसेस होता है? इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि दिल्ली-एनसीआर में कार थोड़ी कम कीमत पर मिल जाती है। ऐसे में दूसरे राज्यों के लोग भी दिल्ली-एनसीआर से कार लेने का मन बनाते हैं। अगर आप भी किसी दूसरे राज्य से कार खरीदने जा रहे हैं तो कुछ बाते जानने आपके लिए बेहद जरूरी है।
विज्ञापन

2 of 5
Buying used car,
1. सेकेंड हैंड कार खरीदते समय ध्यान रखें कि ऑनरशिप ट्रांसफर बेहद जरूरी है। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि अगर इंश्योरेंस के डॉक्यूमेंट आपके या परिवार में किसी के नाम नहीं होंगे तो क्लेम करते समय परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 
विज्ञापन

3 of 5
USED CAR
2. अगर आप कार बेच रहे हैं तो आपको भी ऑनरशिप ट्रांसफर का ध्यान रखना होगा, क्योंकि बाद में अगर कार से कोई एक्सिडेंट का क्रिमिनल गतिविधि होती है तो पुलिस सबसे पहले आपको संपर्क करेगी।

4 of 5
buying used cars in india
3. बात करें ऑनरशिप ट्रांसफर की तो मान लीजिए आप यूपी के रहने वाले हैं और दिल्ली से कार खरीद रहे हैं। ऐसे में कार विक्रेता दिल्ली के RTO से एनओसी आपको देगा। यह एनओसी, कार की इनवॉइस और अन्य दस्तावेज आपको अपने RTO में जमा कराने होंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Buying used car
4. आरटीओ में आपको रोड टैक्स भी देना होगा। यह रोड टैक्स कार की वर्तमान कीमत के अनुसार होता है। उदाहरण के तौर पर अगर सेकेंड हैंड कार की कीमत 6.5 लाख रुपए है तो इसके पुन: रजिस्ट्रेशन में 40-45 हजार रुपए लग जाएंगे। ऐसे में हमारी सलाह यही है कि अगर बेहद अच्छी डील मिल रही हो तभी दूसरे राज्य की कार खरीदें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें