Vehicle Registrtion Down: देश भर में फरवरी के महीने में वाहन पंजीकरण में पिछले साल फरवरी की तुलना में 13 फीसदी से ज्यादा की कम आई है। इसमें भी तीन पहिया वाहनों और वाणिज्यिक वाहनों (कमर्शियल व्हीक्लस) का पंजीकरण सबसे कम हुआ है। वाहन उद्योग से जुड़े संगठन फाडा ने यह जानकारी दी है।
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Automobile sector sales
- फोटो : For Representation Only
Federation of Automobile Dealers Association (FADA), फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने मंगलवार को एक प्रेस बयान जारी कर देश में वाहन पंजीकरण का आंकड़ा जारी किया। बयान के मुताबिक 2020 के फरवरी के आंकड़ों की तुलना में पिछले महीने पैसेंजर व्हीकल्स (यात्री वाहनों) का पंजीकरण 10.6 फीसदी बढ़ा है। पिछले महीने 2.54 लाख पंजीकरण हुए थे, जो एक साल पहले फरवरी के महीने में 2.29 लाख थे।
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Two Wheeler
- फोटो : For Representation Only
पिछले महीने में दोपहिया, तीन पहिया और वाणिज्यिक वाहनों सभी के रजिस्ट्रेशन में कमी दर्ज की गई है। तीन पहिया और वाणिज्यिक वाहनों को खास तौर पर भारी नुकसान हुआ है। तीन पहिया वाहनों के पंजीकरण में 49.65 फीसदी की गिरावट आई है, वहीं कमर्शियल वाहनों के पंजीकरण में 29.52 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
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three wheeler
- फोटो : For Representation Only
वाहनों के पंजीकरण में कमी के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन फाडा का मानना है कि कम रजिस्ट्रेशन के लिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर ईंधन की खपत पर पड़ा है। एफएडीए के बयान में कहा गया है कि उपभोक्ता खर्च में गिरावट आई है। यह भारत की अर्थव्यवस्था के पीछे की ताकत है और जीडीपी की 60 फीसदी हिस्सेदारी इसी से आती है।" बयान में आगे कहा गया है कि, "इससे यह भी पता चलता है कि उपभोक्ता अभी भी अनिश्चित हैं और अपनी आय के बारे में चिंतित हैं और खर्च के बारे में सतर्क हैं।"
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commercial vehicle
- फोटो : For Representation Only
विंकेश गुलाटी ने अन्य वजहों के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "फाडा के सर्वे से पता चला है कि यात्री वाहनों में 50 फीसदी डीलरों ने वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण 20 फीसदी से ज्यादा बिक्री खो दी है।" उन्होंने कहा कि सेमी-कंडक्टरों की वैश्विक कमी के कारण पैसेंजर व्हीकल्स का वेटिंग पीरियड आठ महीने तक बढ़ गया है।
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Two Wheelers
- फोटो : Amar Ujala
गुलाटी ने आगे कहा, फाडा ने ध्यान दिया है कि ईंधन की ज्यादा कीमतें संभावित रूप से दोपहिया और वाणिज्यिक वाहनों के लिए एक अहम बाधा बनी रहेंगी। बयान में कहा गया, "दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रम की गति के आधार पर ही भारत के विकास इंजन का विकस टिका हुआ है।"
ट्रैक्टर पंजीकरण में भी काफी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फरवरी 2020 में 51,602 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई थी जो कि पिछले महीने 18.89 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 61,351 यूनिट्स रही। लेकिन अच्छी खबर सिर्फ यहीं तक है।