मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि चालक जब अपने वाहन का प्रदूषण रिन्यू कराने जाएंगे, तो वहां बैठा ऑपरेटर लाइसेंस लेकर क्यूआर कोड अपडेट कर देगा, जिसमें प्रदूषण प्रमाणपत्र जारी करने से लेकर मियाद समाप्ति की तिथि की जानकारी भी होगी, जो सीधे सेंट्रल डेटाबेस में अपडेट हो जाएगी।