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नई कार खरीदते समय आपके साथ न हो धोखाधड़ी, ध्यान रखें ये जरूरी बातें

Thu, 25 Oct 2018 03:52 PM IST
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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new car
अगर कार खरीदने का मन बना रहें हैं तो थोड़ा संभल जाइए। अक्सर कार खरीदने का क्रेज इतना होता है कि बिना सोचे विचारे ही कार खरीद लेते हैं। उपभोक्ता अक्सर दूसरे लोगों की बातों पर यकीन कर कार खरीद लेते हैं कि अगर वह बोल रहा होगा तो सही ही होगा। लेकिन अक्सर ऐसा नहीं होता है। कार खरीदने से पहले अपनी जरूरतों और बजट का तो खास ख्याल रखना ही चाहिए साथ ही ऐसी बहुत सी चीजें होती हैं जिन्हे हमे अनदेखा नहीं करना चाहिए।
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car sales man
सबसे पहले तय करें कि आप कार के लिए कितना खर्च कर सकते हैं। अगर आप हैचबैक कार लेने की सोच रहे हैं तो आपको समझना होगा कि हैचबैक कारों के मॉडल में मात्र 20-30 हजार का अंतर आ जाता है। इसलिए जरूरी है कि पहले सेल्समैन से इस पर बिना हिचके चर्चा करें। हर मॉडल और उसके फीचर के बारे में विस्तार से जानकारी लें और उनके बीच का फर्क समझें। इसके बाद अपनी जरूरत के फीचर को देखते हुए सही कार का चुनाव करें।
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second hand cars
कार खरीदने से पहले अपनी और परिवार की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार के साइज की पूरी जानकारी लें। अगर आपका परिवार छोटा है और आप शहर के मकसद से कार खरीदना चाहते हैं तो हैचबैक एक बेहतर विकल्प है। अगर आप सिर्फ सैर-सपाटे के मकसद से कार खरीदना चाहते हैं तो एसयूवी की जगह सैलून सेगमेंट कार को मौका दें। अगर आपका परिवार बड़ा है और सैर-सपाटे के शौकीन हैं तो एमयूवी सेगमेंट की कार आपके लिए बढ़िया रहेंगी। इसमें आप ज्यादा लोगों के साथ ज्यादा सामान भी ले जा सकते हैं।

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car mileage
कार को खरीदने से पहले उसका माइलेज आंकना एक जरूरी काम है।आज के समय में एक कार कई इंजन में उपलब्ध होती है। जैसे वॉक्सवैगन पोलो दो अलग इंजन 1.2 और 1.6 लीटर में मौजूद है। बेहतर कार माइलेज को देखते हुए 1.2, 1.6 लीटर की तुलना में ज्यादा बढ़िया विकल्प है। वहीं अगर डीजल इंजन की बात करें तो पेट्रोल की तुलना में ज्यादा किफायती होता है। लेकिन डीजल इंजन लेना का फायदा तभी है जब आप 100 किमी का सफर तय करते हों। 
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car service
पुरानी कार अक्सर नई कारों की अपेक्षा ज्यादा सस्ती साबित होती हैं। क्योंकि पुरानी लॉन्च गाड़ियों के पार्ट्स आसानी से कम दामों पर उपलब्ध हो जाते हैं। उदाहरण के लिए मारुति की अल्टो को, आईटेन की तुलना में मेंटेन करना ज्यादा आसान है। इसलिए कार का चुनाव करने से पहले कंपनी द्वारा दी जा रही फ्री मेंटिनेंस स्कीमों को भी ध्यान में रखना चाहिए। कई कंपनियां फ्री सर्विसिंग जैसी स्कीम चलाती है।
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car infotainment system
आजकल मार्केट में अत्याधुनिक फीचर के साथ कार अलग अलग मॉडल्स में उपलब्ध होती है। जिनमें किसी में सेफ्टी के मद्देनजर एबीएस और एयरबैग जैसी तकनीक दी जाती है। अगर आप इनके दामों में अंतर देखेंगे तो पता चलेगा कि ऐसे फीचर दूसरे मॉडल से ज्यादा महंगे होते हैं। इसके साथ ही अन्य दूसरे फीचर जैसे सनरूफ, महंगे म्यूजिक सिस्टम या नेविगेशन सिस्टम आदि की जरूरत हो तभी खरीदें। ऐसे फीचर वाले कार के मॉडल सामान्य कारों की तुलना में अधिक महंगे होते हैं।
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