वायु प्रदूषण और पेट्रोल-डीजल जैसे पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता को कम करने के लिए दुनियाभर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब देश में भी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को खरीदना पहले की तुलना में और सस्ता होगा। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने और मैन्युफैक्चरिंग के उद्देश्य से, केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी बढ़ाकर ईवी निर्माताओं पर बोझ कम करने का फैसला किया है। भारी उद्योग विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर मिलने वाले इंसेंटिव (प्रोत्साहन राशि) को बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति kWh कर दिया गया है, जो पहले की सब्सिडी दर से 5,000 रुपये प्रति kWh ज्यादा है।
सरकार के इस कदम का सीधा फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा जो एक नया इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वाले हैं। भारत की तेजी से उभरे रही इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन कंपनियों में Ather Energy (एथर एनर्जी) भी शामिल। इस कंपनी ने सबसे पहले अपने ग्राहकों को इस बढ़ी हुई सब्सिडी का फायदा पहुंचाया है। कंपनी ने अपने Ather 450X इलेक्ट्रिक स्कूटर को सस्ता कर दिया है।
एथर एनर्जी ने एलान किया है कि FAME II सब्सिडी संशोधन के बाद Ather 450X की कीमत अब 14,500 रुपये सस्ती होगी। कंपनी ने कहा, "हम अगले कुछ दिनों में ऑन-रोड कीमतों और अन्य जरूरी डिटेल्स की घोषणा करेंगे। इन सभी नई जानकारी के साथ कंपनी की वेबसाइट को बाद में अपडेट किया जाएगा।"
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लेकिन हर स्कूटर पर नहीं मिलेगी सब्सिडी
फेम-2 योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी निर्धारित की गई है। जिसमें से, दोपहिया वाहनों को, विशेष रूप से ई-स्कूटर को, सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। हालांकि हर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा। CRISIL (क्रिसिल) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 95 फीसदी इलेक्ट्रिक स्कूटर ऐसे हैं जिन्हें फेम-2 सब्सिडी योजना के तहत खरीदते समय छूट नहीं मिल सकती।
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क्या हैं सब्सिडी के मानक
भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय ने फेम-2 सब्सिडी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के विभिन्न सेगमेंट के लिए कुछ पात्रता मानक बनाए हैं। मंत्रालय द्वारा बनाए गए मानकों में वाहन की न्यूनतम टॉप स्पीड, एक बार फुल चार्ज करने पर मिलने वाली ड्राइविंग रेंज, एक्सीलरेशन और ऊर्जा खपत दक्षता जैसी अहम चीजें शामिल हैं। सरकारी घोषणा के अनुसार फेम-2 के तहत सब्सिडी हासिल करने के लिए, किसी इलेक्ट्रिक स्कूटर को एक बार चार्ज करने पर उसे कम से कम 80 किमी की दूरी तय करनी होगी और कम से कम 40 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड होनी चाहिए।
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इन स्कूटर्स पर FAME-II सब्सिडी
भारत सरकार द्वारा निर्धारित फेम-2 मानकों के अनुसार, सिर्फ हाई-स्पीड वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर, जिनमें 250 वाट से ज्यादा पावर का इलेक्ट्रिक मोटर मिलता है और जिनकी टॉप स्पीड 25 किमी प्रति घंटा से ज्यादा है, FAME-II सब्सिडी के लिए पात्र हैं। ये स्पेसिफिकेशंस इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत के आधार पर बदलता रहता है।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के बाजार में धीरे-धीरे लेकिन लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दोपहिया और तिपहिया सेगमेंट में इन जीरो-उत्सर्जन मॉडल की बढ़ती मांग के कारण यह संभव हो पा रहा है।
Ather 450X Electric Scooter
- फोटो : For Representation Only
एथर एनर्जी ने कदम को सराहा
एथर एनर्जी के सीईओ और सह-संस्थापक तरुण मेहता ने कहा, "FAME पॉलिसी में संशोधन से सब्सिडी में 50 फीसदी प्रति KWh की बढ़ोतरी एक शानदार फैसला है। महामारी के बावजूद इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। हम उम्मीद करते हैं कि इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की बिक्री 2015 तक 60 लाख यूनिट्स पार कर जाएगी।" उन्होंने कहा कि सरकार इसी तरह स्थानीय रूप से निर्मित इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का समर्थन करती रही तो भारत इलेक्ट्रिक वाहनों का मैन्युफैक्चरिंग हब बन जाएगा।