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अब ग्राहक कर पाएंगे सही और गलत टायर की पहचान, सरकार जारी करेगी रेंटिग

Fri, 28 Aug 2020 05:46 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • 2700 से भी ज्यादा प्रकार के टायर बेचती है भारतीय कंपनियां
  • 100 देशों में भारत से बने टायरों का निर्यात किया जाता है इस समय 
  • 60 हजार करोड़ रुपये का टायर बाजार है भारत में मौजूदा समय में
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Motor Vehicle Tyres - फोटो : For Reference Only
भारत में टायरों की रेटिंग ईंधन दक्षता (इंधन की कम खपत) और रोलिंग प्रतिरोध के आधार पर करने की तैयारी है। सरकार की यह तैयारी उपभोक्ताओं को बेहतर उत्पाद के प्रति जागरूक करने के साथ कंपनियों को ईंधन की खपत कम करने वाले उत्पाद बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। 
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ज्यादा माइलेज वाले टायर्स - फोटो : Goodyear (For Reference Only)
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टायरों की रेटिंग देने के लिए एक उच्चस्तरीय पैनल का गठन किया है। इस पैनल में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो, भारतीय मानक ब्यूरो, सड़क परिवहन मंत्रालय और राजमार्ग और ऑटोमोबाइल परीक्षण एजेंसियों को शामिल किया गया है। एक सरकारी अधिकारी ने अपनी पहचान जाहिर नहीं करने के अनुरोध के साथ बताया कि अभी रेटिंग का पैमाना तय करने की दिशा में काम चल रहा है। हम एक साथ बड़े पैमाने पर टायरों की रेटिंग शुरू करेंगे। 
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tyres - फोटो : For Refernce Only
तीन बिंदुओं को पैमाना बनाने की तैयारी
आने वाले दिनों में टायर की रेटिंग देने में रोलिंग प्रतिरोध, ईंधन बचाने की क्षमता और सड़क पर टायर की ब्रेकिंग क्षमता को आंका जाएगा। भारत में मौजूदा समय में टायर की क्षमता आंकने के लिए बहुत ही कम जांच एजेंसी है। ऐसे में सरकार पहले जांच एजेंसी की संख्या बढ़ाना चाहती है। 

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tyres - फोटो : For Reference Only
देशभर में जांच केंद्र स्थापित होंगे
अधिकारी के मुताबिक, सरकार जल्द से जल्द टायरों के क्वालिटी जांचने के लिए केंद्र स्थापित करना चाहती है। यह टायर की रेटिंग प्रक्रिया देने के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि अभी ग्रिप जांचने की सुविधा सिर्फ आईसीएटी मानेसर में है। 
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बारिश में ग्रिप वाले टायर्स का इस्तेमाल - फोटो : For Reference Only
ग्राहकों के लिए फैसला लेना आसान होगा
विशेषज्ञों का कहना है कि टायर पर रेटिंग देने से ग्राहकों को सही और गलत के बीच चयन करना आसान हो जाएगा। ग्राहक आसानी से पता कर पाएंगे कि जिस टायर में कम रोलिंग प्रतिरोध क्षमता होगी वह ईंधन की कम खर्च कराएगी। टायर के ग्रिप से सुरक्षा का पैमाना लगाने में मदद मिलेगी। 
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Tyres - फोटो : For Reference Only
यूरोप-जापान में पहले से टायरों की रेटिंग लागू
वर्तमान में यूरोपीय संघ, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में टायर के लिए लेबलिंग कार्यक्रम हैं। भारत ने परिवहन क्षेत्र में ईंधन खर्च को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें से सबसे हाल ही में बीएस-4 वाहनों को बंद करना और इलेक्ट्रिक को अपनाने पर जोर शामिल है। 
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Motor Vehicle Tyres - फोटो : For Reference Only
चीन से टायर आयात की अनुमति मिली
वाहन कंपनियों को चीन से टायर आयात की अनुमति मिल गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इससे जुड़े दो सूत्रों ने यह बताया कि ह्यूंदै मोटर इंडिया, होंडा कार्स इंडिया, एमजी मोटर इंडिया, स्कोडा ऑटो, फॉक्सवैगन इंडिया और बजाज ऑटो को विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) से आयात की मंजूरी मिल गई है। गौरतलब है कि सरकार ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के चीन के टायरों के आयात पर प्रतिबंध लगाया था।
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Tyres - फोटो : For Reference Only
  • 2700 से भी ज्यादा प्रकार के टायर बेचती है भारतीय कंपनियां
  • 100 देशों में भारत से बने टायरों का निर्यात किया जाता है इस समय 
  • 60 हजार करोड़ रुपये का टायर बाजार है भारत में मौजूदा समय में
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