Skoda Car delivery Suhas
- फोटो : Team-BHP
27 दिसंबर को सुहास शोरूम गए और कार टेक्निशियंस को दिखाया। सर्विस सेंटर ने कार ठीक करने के लिए 8-10 दिन की मोहलत मांगी। सर्विस सेंटर पर उन्हें दिखाया गया कि कैसे रेगुलर स्कोडा रैपिड के हेडलैंप कार में ठीक से काम कर रहे हैं, लेकिन ‘ब्लैक पैकेज’ के साथ आने वाले प्रोजेक्टर हेडलैंप्स काम नहीं कर रहे हैं। सुहास को महसूस हुआ कि डीलर ने कार के कुछ पार्ट्स को बदल दिया है, जो केवल लिमिटेड एडिशन में आते थे। डीलर ने सुहास को बताया कि उसने उसने उनकी कार के लिए खास हेडलैंप्स का ऑर्डर दिया है, लेकिन सुहास को माइ स्कोडा मोबाइल एप पर पता चला कि कार रेगुलर वर्जन की है और लिमिटेड एडिशन नहीं है।