कोलकाता स्थित हिंदुस्तान मोटर कंपनी ने काले रंग की पहली अंबेसडर कार तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भेंट की थी और उसके बाद ही यह नई दिल्ली के लुटियन्स जोन में सत्ता राजनीति और नौकरशाही का अधिकृत वाहन बन गई थी। पंखे, पर्दे और लाल-नीली बत्तियों से सुसज्जित अंबेसडर में बैठना कुछ दशक पहले तक भी लोगों की महत्वाकांक्षाओं में शामिल था, तो इसलिए कि तब यह सरकारी अधिकारियों का इकलौता वाहन थी।