ज्योतिष के अनुसार हर व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों का गहरा प्रभाव होता है। जन्म के समय ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार ही व्यक्ति की कुंडली का निर्माण होता है। जब ग्रह अपनी चाल बदलते हैं तो जातक की कुंडली की गणना उसी के अनुसार करके देखा जाता है कि कौन सा ग्रह शुभ स्थिति में हैं और कौन से ग्रह के कारण परेशानियां आ सकती हैं। ग्रहों की स्थिति सही होने और शुभ ग्रहों के साथ शुभ फल प्रदान करते हैं, तो वहीं ग्रहों की स्थिति अनुकूल न होने पर व्यक्ति को ग्रहों से अशुभ फल की प्राप्ति होती है, जिसके कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष में नव ग्रह बताए गए हैं। चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरू, शुक्र, शनि, सूर्य और राहु-केतु। प्रत्येक ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए व्यक्ति को अलग-अलग देवों की पूजा करनी चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि किस ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए किस देवता की पूजा करनी चाहिए।