Vastu Shastra Dharmik Mahatv of Bhawan Nirman
धर्म
सबसे पहले हम धर्म की बात करते हैं। जब भी हम किसी भवन का निर्माण करते हैं तो सबसे पहले हमें इस चीज का ध्यान रखना चाहिए कि उस भवन में निवास करने वाले मनुष्यों को आध्यात्मिक और आत्मिक सुख मिलना चाहिए। उस भवन में जिस मुखिया के ऊपर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है उसे किसी भी प्रकार का भौतिक कष्ट नहीं होना चाहिए। उस भवन में निवास करने वाले प्राणी ऐसे हो कि उन्हें देखते ही किसी भी मनुष्य का सिर श्रद्धा और विश्वास से उनके चरणों में झुक जाए। उस घर में आपस में उनके झगड़े ना हो,कलह ना हो। हमारे जो प्राचीन ऋषि-मुनियों के आश्रम थे जैसे ही कोई हिंसक प्राणी उनके क्षेत्र में आता था वह अपनी दुश्मनी भूल जाते थे। हमने कई उदाहरणों में पढ़ा भी है कि शेर और बकरी, सांप और नेवला एक साथ हमारे ऋषि-मुनियों के आश्रम में बैठ करके खेलते थे। यह सिर्फ इसलिए होता था क्योंकि वहां धर्म का निवास था।