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कहीं आपके घर में भी बीमारी का कारण ये वास्तुदोष तो नहीं...

Tue, 08 Dec 2020 06:37 PM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन, वास्तुविद
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vastu tips - फोटो : अमर उजाला
किसी भी भवन का वास्तु उस घर में रखी हुई वस्तुओं पर निर्भर करता है। वास्तु के कुछ नियम सरल और व्यवहारिक होते हैं, यदि इनका ठीक ढंग से पालन किया जाए तो भवन में रहने वाले सभी लोग शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य रह सकते हैं। उनका जीवन सुख, शांति और प्रेमभाव से बीत सकता है। किसी भी रोग के लिए जन्मजात ग्रह प्रभावी भूमिका निभाते हैं, लेकिन वास्तु का हस्तक्षेप भी इसमें कम नहीं है।
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vastu tips
हल्की, खुली और साफ हो उत्तर दिशा
पूर्व तथा उत्तर दिशा का हल्का और नीचा होना तथा दक्षिण व पश्चिम दिशा का भारी व ऊँचा होना वास्तु सम्मत है। यदि पूर्व दिशा में भारी निर्माण हो तथा पश्चिम दिशा एकदम खाली व निर्माण रहित हो तो अनिद्रा का शिकार होना पड़ सकता है। उत्तर दिशा में भारी निर्माण हो परन्तु दक्षिण और पश्चिम दिशा निर्माण रहित हो तो भी ऐसी स्थिति उत्त्पन्न होती है।
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relationship vastu
दक्षिण या पूर्व में सिर करके सोएं
गृह स्वामी अग्निकोण या वायव्य कोण में शयन करे या उत्तर में सिर व दक्षिण में पैर करके सोए तब भी अनिद्रा या बेचैनी, सिरदर्द और चक्कर जैसी परेशानी हो सकती है। धन आगमन और स्वास्थ्य की दृष्टि से दक्षिण या पूर्व की सिर करके सोना अच्छा माना गया है।

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vastu tips
जल की स्थिति हो ठीक  
घर में भूमिगत जल की गलत स्थिति भी बहुत सारे रोगों का कारण होती है। उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में भूमिगत जल स्रोत धनदायक होते हैं एवं संतान को भी सुंदर निरोगी बनाते हैं। यहाँ निवास करने वाले सदस्यों के चेहरे पर कांति बनी रहती है। इन स्थानों पर जल की स्थिति रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करती है।
 
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वास्तु उपाय
प्रवेश द्वार
दक्षिण-पश्चिम दिशा में प्रवेश द्वार या हल्की चाहरदीवारी अथवा खाली जगह होना शुभ नहीं है। ऐसा होने से हार्ट अटैक, लकवा, हड्डी एवं स्नायु रोग संभव हैं। अतः यहाँ प्रवेश द्वार या खाली जगह छोड़ने से बचना चाहिए।
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vastu tips
भोजन पकाने की दिशा
रसोई घर में भोजन बनाते समय यदि गृहणी का मुख दक्षिण दिशा की ओर है तो त्वचा एवं हड्डी के रोग हो सकते हैं। दक्षिण दिशा की ओर मुख करके भोजन पकाने से पैरों में दर्द की संभावना भी बनती है। इसी तरह पश्चिम की ओर मुख करके खाना पकने से आँख, नाक, कान एवं गले की समस्याएं हो सकती हैं। पूर्व दिशा की ओर चेहरा करके रसोई में भोजन बनाना स्वास्थ्य के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
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वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व - फोटो : vastu tips
दीवार पर न हो दरारें
ध्यान रहे कि आपके भवन की दीवारें एकदम सही सलामत हों, उनमें कहीं भी दरार या रंग रोगन उड़ा हुआ या फिर दाग-धब्बे आदि न हो, वरना वहां रहने वालों में जोड़ों का दर्द, गठिया, कमर दर्द, सायटिका जैसे समस्याएं हो सकती हैं।
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vastu tips - फोटो : social media
तामसिक रंगों का प्रयोग नहीं
दीवारों पर रंग-रोगन भी ध्यान से करवाना चाहिए। काला या गहरा नीला रंग वायु रोग, पेट में गैस, हाथ-पैरों में दर्द ,नारंगी या पीला रंग ब्लड प्रेशर,गहरा लाल रंग रक्त विकार या दुर्घटना का कारण बन सकता है।अच्छे स्वास्थ्य के लिए दीवारों पर दिशा के अनुरूप हल्के एवं सात्विक रंगों का प्रयोग करना चाहिए।
 
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