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Vastu Tips: अपने घर को खुशियों का आशियाना बनाना है तो वास्तु के इन 6 उपायों को जरूर करें

Wed, 14 Jul 2021 05:06 PM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद
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वास्तु उपाय
वास्तु नियमों के अनुसार आपके घर में रखी प्रत्येक वस्तु, घरेलु उपकरण और इंटीरियर डेकोरेशन का सामान एक प्रतीक के रूप में कार्य करता है। यह आपके अवचेतन मन को प्रभावित करता है जो उसी के अनुसार काम करना शुरू कर देता है। आपकी सकारात्मक सोच की उत्पत्ति आपके आवास स्थल पर मौजूद सकारात्मक ऊर्जा पर निर्भर करती है। इसलिए घर में पॉज़िटिव माहौल बनाने के लिए जरूरी है कि आपके घर की डेकोरेशन वास्तु नियमों के अनुरूप हो। घर में अलग-अलग जगहों पर की गई इंटीरियर डेकोरेशन का भी हमारे जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है।

शुभ हो प्रवेश द्वार
वास्तु में प्रवेश द्वार को बहुत अहम माना गया है। यह घर का आइना होता है इसे हमेशा साफ-सुथरा रखें। यहाँ ज्यादा तड़क-भड़क वाली तस्वीरें न लगाकर शुभ प्रतीक चिह्न जैसे स्वास्तिक ,ॐ, कलश, पवनघंटी, शंख, मछलियों का जोड़ा या आशीर्वाद मुद्रा में बैठे गणेश जी लगाना शुभकारक रहता है। फ्रैश अथवा प्लास्टिक की फूल-पत्तियों के तोरण से भी द्वार को सजाया जा सकता है।
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Photo vastu tips
सुख-समृद्धि की तस्वीर
जानवरों की छवियाँ कठोरता, निर्दयता और लालच का प्रतीक मानी जाती है। अतः सज्जा में इनकी अवेहलना की जानी चाहिए। घर में जिन अन्य तस्वीरों को लगाना अनुचित माना गया है वे हैं युद्ध के रक्त रंजित दृश्य, उजाड़ लैंडस्केप, सूखे पेड़ एवं अवसाद फैलाने वाले दृश्य। जिन जानवरों की तस्वीरें लगाना शुभ हैं उनमें घोड़े की तस्वीर लगाना शामिल है घोड़े बलिष्टता, विस्तार,  गति और पौरुष बल का प्रतिनिधित्व करते हैं। घोड़े का शोपीस या भागते हुए घोड़ों की तस्वीर पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा में लगाने से काम में गति आती है। धैर्य का प्रतीक हाथी की तस्वीर उत्तर या दक्षिण दिशा में लगाने से यश एवं प्रसिद्धि निश्चित प्राप्त होते हैं। शांति और प्रचुरता की प्रतीक गाय को पूर्व, दक्षिण-पूर्व में रखने से दुःख और चिंताएं समाप्त होकर इच्छाओं की पूर्ती होने में मदद मिलती है।
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Vastu tips for plants
हरियाली देगी नए अवसर
ड्राइंग रूम में पूर्व या उत्तर में मनीप्लांट, बैम्बू बंच या कोई छोटा इंडोर प्लांट जैसे पौधे रखना सुंदरता के साथ-साथ समृद्धिकारक भी माने गए हैं। हरे-भरे पौधे देखने से मन को सुकून मिलता है,वहीं तनाव दूर होता है और ख़ुशी महसूस होती है। ध्यान रहे सूखे, कांटेदार और बोन्साई पौधे निराशा के सूचक हैं, इन्हें न लगाएं। घर की उत्तर दिशा की तरफ हरे-भरे जंगल अथवा लहलाती फसलों का चित्र लगाने से एक साथ कई लाभ प्राप्त होते हैं। इससे आपके द्वारा किए गए कार्यों को कीर्ति, प्रतिष्ठा एवं विकास तो मिलता ही है साथ में उन कार्यों से धन का आगमन भी होता है। इसी प्रकार अपने घर के दक्षिण-पश्चिम जोन में पीले रंग का मिटटी का फूलदान रखना स्थायित्व तो प्रदान करता ही है साथ ही बचत को बढ़ावा देता है,आपके स्वास्थ्य और आपसी संबंधों को दुरुस्त  बनाता है। वास्तु के अनुसार फूलों की सजावट मन को आनंद प्रदान करती है।नकारात्मक ऊर्जा के सृजन से बचने के लिए गुलदस्ते में रखे फूल,सूखने या मुरझाने लगें तो इन्हें तुरंत हटा देना चाहिए।

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puja ghar
मिलेगा ईश्वर का आशीर्वाद
मानसिक स्पष्टता और प्रज्ञा का दिशा क्षेत्र उत्तर-पूर्व पूजा करने के लिए आदर्श स्थान है। इस दिशा में पूजाघर या अपने इष्टदेव की तस्वीर स्थापित करें। ऐसा करने से आपको हमेशा परमात्मा का मार्गदर्शन मिलता रहता है। यह दिशा योग, प्राणायाम और ध्यान के लिए भी श्रेयस्कर है।अपने दिवंगतों की फोटो दक्षिण-पश्चिम में लगाएं। शुभ परिणामों के लिए घर के पश्चिम जोन में आप अपने गुरु की फोटो लगाकर पूजन कर सकते हैं।
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वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व - फोटो : vastu tips
लाइट न कम न ज़्यादा
वास्तु के अनुसार घर में प्रकाश की व्यवस्था पर्याप्त होनी चाहिए। प्रकाश की कमी तरक्की में बाधक,कार्यों में विघ्न एवं बहस आदि का कारण भी बन सकती है। अगर लाइट बहुत तेज़ या कम है तो आपकी आँखों पर बुरा असर पड़ता है वहीं सही प्रकाश न होना वास्तु दोष भी उत्पन्न करता है और वहां पर नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है।
 
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vastu paint
रंग भरें खुशियों के
वास्तु नियमों को ध्यान में रखकर पेंट कराने से घर में पंचतत्वों का संतुलन ठीक रहता है, खुशहाली बनी रहती है। हल्के नीले एवं हरे रंग को वास्तु में स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छे माने गए हैं। इन रंगों का प्रयोग घर के ड्राइंग रूम में करना उचित है। पीला रंग व्यक्ति के स्नायु तंत्र को संतुलित व मस्तिष्क को सक्रिय रखता है। अतः इस रंग को अध्ययन कक्ष में प्रयोग करना लाभप्रद होता है। उत्साहवर्धक एवं अवसाद का नाश करने वाले बैंगनी रंग को पूजा कक्ष में किया जाना शुभ होता है। गुलाबी,लाल,नारंगी रंग आपसी संबंधों को सुदृढ़ बनाते हैं इसलिए शयन कक्ष में इनका प्रयोग करना बेहतर होगा। इसी प्रकार रसोईघर में लाल रंग शुभ फलों में वृद्धि करता है। घर के मुख्य द्वार  के लिए रंग का चुनाव दिशा के आधार पर किया जाना चाहिए,ऐसा करने से सौहार्दपूर्ण माहौल बनेगा।
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