वास्तु विज्ञान का मूल आधार पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, आकाश, अग्नि, वायु) का संतुलन है,जो सुखी और समृद्ध जीवन जीने के लिए अति आवश्यक है, इनमें असंतुलन होने से नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न होना स्वाभाविक है। वास्तु के इन नियमों का पालन न करने पर व्यक्ति विशेष का स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि उसके आर्थिक और सामाजिक पक्ष पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अच्छी सेहत पाने के लिए सिर्फ स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। परिवार के सदस्यों के अच्छे स्वास्थ्य और उनके जीवन की खुशहाली के लिए यह जरूरी है कि आपके घर में रसोई भी वास्तु सम्मत हो। वास्तु के आधारभूत सिद्धांत का पालन रसोई में अवश्य करें,जिससे दरिद्रता तथा रोग नहीं होंगे।