ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार का दिन बृहस्पति ग्रह से संबंध रखता है। पीपल, पीला रंग, सोना, हल्दी, चने की दाल, पीले फूल, केसर, गुरु, पिता, वृद्ध पुरोहित, विद्या और पूजा-पाठ यह सब बृहस्पति के प्रतीक माने गए हैं। देवगुरु बृहस्पति यदि प्रसन्न हों तो किसी भी जातक को ज्ञान, बुद्धि, सौभाग्य, संतान एवं धन-धान्य आदि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति ग्रह की अनुकूलता के लिए कुछ ऐसे काम हैं, जो गुरुवार के दिन नहीं करने चाहिए। अन्यथा अनुकूल गुरु भी प्रतिकूल प्रभाव देता है और कुछ उपाय ऐसे हैं जिनको करने से गुरु ग्रह प्रसन्न होकर जीवन के समस्त सुख प्रदान करते हैं।
भगवान विष्णु की पूजा-व्रत
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु के लिए समर्पित होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जीवन में सुख और शांति आती है। यदि बहुत मेहनत करने के बावजूद आपको कार्यों में सफलता न मिल रही हो और आर्थिक कष्टों ने आपको घेर रखा हो तो भगवान विष्णु को प्रसन्न करने करने और बृहस्पति देव की कृपा पाने के लिए इस दिन विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें एवं वृहस्पतिवार का व्रत करके भगवान विष्णु की पूजा करें। श्रद्धा से यह उपाय करने पर निश्चित रूप से बाधाएं दूर होंगी और धीरे-धीरे आपको कार्यों में सफलता मिलेगी।