ग्रहण देखने की दिलचस्पी हर किसी की होती है। ग्रहण का खगोल शास्त्र और ज्योतिष विद्या में काफी महत्व होता है। खासतौर पर सूर्य ग्रहण को ज्योतिष शास्त्र में एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। 21 जून को साल 2020 का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। आइए जानते हैं इस सूर्य ग्रहण से जुड़ी हुई 21 रोचक बातें...
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surya grahan
1- 21 जून को घटित होने वाला यह सूर्य ग्रहण साल 2020 का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण होगा। यह सूर्य ग्रहण सूर्य देव का दिन यानी रविवार के दिन होगा।
3- यह सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा जिसे चूड़ामणि सूर्य ग्रहण भी कहा जाता है। इसमें सूर्य को चंद्रमा पूरी तरह से नहीं ढक सकेगा। सूर्य के बीच का भाग चंद्रमा ढक लेगा जबकि बाहरी गोलाई दिखाई देगा इसलिए सूर्य ग्रहण पर यह कंगन की भांति चमकेगा।
5- यह सूर्य ग्रहण आषाढ़ के महीने की अमावस्या तिथि पर, सूर्य के मिथुन राशि में होने और मृगशिरा नक्षत्र में घटित होगा। ऐसे में इस नक्षत्र में जन्में जातकों पर ग्रहण का विशेष प्रभाव पड़ेगा।
6- सभी जगहों पर यह सूर्य ग्रहण एक जैसा नहीं दिखाई देगा। कुछ जगहों पर यह ग्रहण खंडग्रास यानी आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप मे दिखाई देगा तो कुछ जगहों पर यह कंगन की भांति सूर्य चमकता हुआ दिखाई देगा इसलिए इसे चूड़ामणि सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
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Solar Eclipse 2020
- फोटो : अमर उजाला।
7- 21 जून की होने वाला सूर्य ग्रहण रिंग ऑफ फायर की तरह दिखाई देगा। ऐसे में एक समय ऐसा आएगा जब दिन में रात का समय प्रतीत होगा।
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solar eclipse
- फोटो : अमर उजाला।
8- यह सूर्य ग्रहण देश के टिहरी, देहरादून और सिरसा के शहरों में तो वलयाकार सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा। जबकि कुछ शहरों में आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा।
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solar eclipse 2020
- फोटो : अमर उजाला।
9- इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य रहेगा ऐसे में ग्रहण होने से 12 घंटे पहले ही सूतक काल शुरू हो जाएगा। 20 जून की रात के 10 बजकर 15 मिनट से सूतक आरंभ हो जाएगा जो ग्रहण के खत्म होने के साथ ही सामाप्त भी हो जाएगा।
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solar eclipse
- फोटो : अमर उजाला।
10- यह जून महीने का दूसरा ग्रहण होगा इससे पहले 5 जून को चंद्रग्रहण लगा था। इसके बाद 5 जुलाई को भी एक चंद्रग्रहण लगेगा यानि 30 दिनों के अंतराल में तीन ग्रहण लगेगा। 30 दिन में तीन ग्रहण का दुर्लभ योग अब 119 साल बाद बनेगा। इससे पहले साल 1962 में तीन ग्रहण एक साथ 30 दिनों के अंतराल में पड़ा था।
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solar eclipse
- फोटो : अमर उजाला
11- इस सूर्य ग्रहण में एक अलग तरह का ज्योतिष संयोग बनने को मिलेगा। इस समय एक साथ 6 ग्रह वक्री स्थिति में होंगे जिसमें गुरु, शनि, मंगल, शुक्र, राहु और केतु ग्रह होंगे।
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solar eclipse
- फोटो : अमर उजाला
12- 21 जून को सूर्य ग्रहण भारत के अलावा एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कुछ क्षेत्रों में भी दिखेगा। लेकिन इस ग्रहण का समय अलग-अलग रहेगा।
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13- ज्योतिष में ग्रहण काल को बहुत ही अशुभ माना गया है। ऐसे में सूतक के समय पूजा-पाठ नहीं किया जाता। इस दिन घर पर बने मंदिर और तीर्थ स्थल के मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण के समय मंत्रों का जाप करना चाहिए। सूतक काल में खाने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल देना चाहिए।
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14- जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तब पृथ्वी पर चंद्रमा की छाया पड़ती है। इसी को सूर्य ग्रहण कहते हैं। ग्रहण के दौरान सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक सीध में आ जाते हैं।
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Solar Eclipse
- फोटो : NASA
15- सूर्य ग्रहण तीन प्रकार का होता है। पूर्ण सूर्यग्रहण, आंशिक सूर ग्रहण और वलयाकार सूर्य ग्रहण।
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solar eclipse
16- धार्मिक मान्यता के अनुसार राहु ने धोखे से अमृत का पान कर लिया था। सूर्य और चंद्रमा ने यह सब देख लिया और भगवान विष्णु को बता दिया तब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से राहु का राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया। चूंकि राहु ने भी अमृत का पान कर लिया था इसलिए उसकी मृत्यु न हो सकी। तभी से राहु चंद्र और सूर्य से शत्रुता रखता है और समय-समय पर इन ग्रहों को ग्रसता है।
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solar eclipse
18- साल 2020 का यह पहला सूर्य ग्रहण है। इसके बाद साल के आखिरी महीने यानी दिसंबर माह में दूसरा सूर्य ग्रहण होगा लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
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सूर्य ग्रहण
19- ग्रहण खत्म होने के बाद नहाने के पानी में गंगाजल डाल कर स्नान किया जाता है और घर के हर एक कोनों में गंगाजल से छिड़काव किया जाता है। इसके बाद घर में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को स्नान कराकर उनकी पूजा की जाती है।
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सूर्यग्रहण
- फोटो : सूर्यग्रहण
20- 21 जून को सूर्य ग्रहण, साल का सबसे बड़ा दिन, रविवार का दिन और विश्व योग दिवस भी है।