सूर्यग्रहण के बाद अब सूर्य देव 15 जून को बुध ग्रह की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे, जिसका असर मिथुन राशि के अलावा सभी राशियों पर शुभ अशुभ रूप से पड़ सकता है। इससे पहले 10 जून को सूर्यग्रहण वृष राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगा था। हालांकि भारत के संदर्भ में यह ग्रहण इतना प्रभावी नहीं था। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, सूर्य देव जगत की आत्मा हैं। वे सभी ग्रहों के राजा हैं। इन्हें सिंह राशि स्वामी माना जाता है। मेष राशि में ये उच्च भाव में होते हैं, तो वहीं तुला राशि में ये नीच के माने जाते हैं। उच्च भाव में ग्रह अधिक मजबूत और बलशाली होते हैं। जबकि नीच राशि में ये कमजोर हो जाते हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य ग्रह ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी तिथि यानी 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि में ये 16 जुलाई तक विद्यमान रहेंगे, उसके बाद कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य के राशि परिवर्तन का असर कुछ राशियों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।