Shani Sade Sati And Shani Dhaiya Details: ज्योतिषशास्त्र में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। सभी ग्रहों में शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं। ज्योतिष के अनुसार शनि का साढ़ेसाती ,ढैय्या और महादशा का बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ता है। अगर किसी की कुंडली में शनि के अशुभ घर में बैठने से उस जातक पर कई तरह के कष्ट होते हैं। जातक के जीवन में शनि साढ़ेसाती (Shani Sade Sati) चलने पर उसके ज्यादातर कामों में बाधाएं उत्पन्न होती है। शनिदेव (Shani Dev) को न्याय का देवता माना गया है। इस कारण यह व्यक्ति को उसके द्वारा किए कर्मों के अनुसार शुभ या अशुभ फल देते हैं। शनि देव (Shani Dev) किसी एक राशि में लगभग ढाई वर्षों तक रहते हैं। जिस कारण से जातकों पर शनि का प्रभाव लंबे समय तक रहता है। आइए जानते हैं आने वाले पांच वर्षों में किन-किन राशियों पर रहेगी शनि की टेढ़ी नजर।