हर वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। इस बार शनि जयंती 10 जून, गुरुवार को है। ज्योतिष की गणनाओं में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। इस बार शनि जयंती पर सूर्यग्रहण भी लगेगा। जिन लोगों के ऊपर शनिदोष होता है उनके जीवन में उन्हें तमाम तरह की कठिनाओं का सामना करना पड़ता है। ज्योतिशास्त्र के अनुसार शनि की महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या बहुत ही कष्टकारी होती है। शनिदेव सूर्यदेव के पुत्र है लेकिन पिता और पुत्र में हमेशा बैर भाव ही बना रहता है। सभी ग्रहों में शनि सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं, ये किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि के किसी एक राशि में गोचर करने पर तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और दो पर ढैय्या चलती है। शनि एक राशि में दोबारा 30 वर्षो के बाद ही आते हैं। ज्योतिष और आस्था के नजरिए से शनि के विशेष महत्व होता है। शनि जयंती के मौके पर आइए जानते हैं शनिदेव से जुड़ी हुई 10 खास बातें...