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Rajyog in Kundli: कुंडली में ये राजयोग बनाता है धनवान, रातोंरात दिलाता है कामयाबी

Fri, 21 May 2021 06:31 AM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कुंडली में राज योग - फोटो : सोशल मीडिया
कई बार आपने किसी व्यक्ति विशेष के लिए यह सुना होगा कि वह बहुत भाग्यवान है। जो लोग किस्मत के धनी होते हैं उन्हें सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ते देर नहीं लगती है। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, कुंडली में बनने वाले राजयोग व्यक्ति को कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचाते हैं। राजयोग कुछ विशेष ग्रहों की युति, स्थान विशेष में उनकी उपस्थिति आदि से बनते हैं। आइए जानते हैं क्या आपकी कुंडली में राजयोग है? 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
इस राजयोग के कारण व्यक्ति बनता है धनवान
कुंडली में पहला, दूसरा, पांचवां, नौवां और ग्यारहवां भाव धन देने वाले भाव होते हैं। अगर इनके स्वामियों में युति, दृष्टि या राशि परिवर्तन संबंध बनता है तो इस स्थिति में धन योग का निर्माण होता है। इस राजयोग से व्यक्ति का आर्थिक जीवन बेहद समृद्धिशाली बनता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
इस योग के कारण व्यक्ति अध्यात्म के क्षेत्र में पाता है सफलता
कुंडली में अगर गुरु बृहस्पति चंद्रमा से केन्द्र भाव में हो और किसी क्रूर ग्रह से संबंध नहीं रखता हो तो कुंडली में गज-केसरी राजयोग बनता है। इस राजयोग के कारण व्यक्ति धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में कामयाबी हासिल करता है। ऐसे व्यक्ति सरकारी सेवाओं में उच्च पद पर बैठते हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
इस राजयोग के कारण व्यक्ति को मिलता है भौतिक सुख
कुंडली में जब केन्द्र भावों का संबंध त्रिकोण भाव से हो तो ऐसी स्थिति में पाराशरी राजयोग का निर्माण होता है। दशावधि में इस योग के प्रभाव से आप धनी और समृद्धिशाली बनेंगे। आपके पास दौलत, शौहरत, गाड़ी, बंगला आदि सारी चीज़ें होंगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Facebook/Incredible India
इस योग के कारण व्यक्ति बनता है राजा
कुंडली में जिस राशि में ग्रह नीच का होकर बैठा हो उस राशि का स्वामी उसे देख रहा हो या फिर जिस राशि में ग्रह नीच का होकर बैठा हो उस राशि का स्वामी स्वगृही होकर युति संबंध बना रहा हो तो नीच भंग राजयोग का सृजन होता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में ये योग होता है वह एक राजा के समान जीवन व्यतीत करता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
इस योग के कारण व्यक्ति बनता है बुद्धिमान
कुंडली में यदि चंद्रमा के अतिरिक्त राहु-केतु, सूर्य से दूसरे या बारहवें घर में स्थित हों तो कुंडली में उभयचरी योग का निर्माण होता है। इस राजयोग वाले व्यक्ति का भाग्य बड़ा प्रबल होता है। ऐसे जातक स्वभाव से हंसमुख और बुद्धिमान होते हैं। ये बड़ी से बड़ी चुनौतियों को आसानी से पार कर जाते हैं।
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