वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के सेनापति माने जाने वाले मंगल 27 जून को अपनी मूल त्रिकोण राशि मेष में प्रवेश करने जा रहे है। राहु जो की एक पापग्रह है वो पहले से मेष राशि में विराजमान है। राहु और मंगल की यह युति अंगारक योग को जन्म देती है। मंगल साहस वही राहु छल का कारक है इसलिए इस युति में जातक क्रोधी और अति साहसी होकर बने बनाये काम बिगाड़ देता है लेकिन मेष में मंगल स्वयं बलवान होते है और राहु जब किसी बलवान ग्रह के साथ बैठता है तो उसके भी बल में वृद्धि होती है। शनि जनता का और मंगल सेना का कारक है। इसी वजह से इस गोचरकाल में देश की जनता में असंतोष की भावना हो सकती है। इस योग के कारण आंदोलन का पनपना,पुलिस और सेना पर किसी बड़े हमले का भी योग बन रहा है। इस समय देश को अस्थिर करने के लिए साजिश की जा सकती है। आइए जानते है 12 राशियों का राशिफल