Baby Born on Lunar Eclipse Day Astrology: 18 सितंबर को साल का अखिरी चंद्र ग्रहण लग रहा है। चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसे धार्मिक दृष्टिकोण से अशुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है। खासतौर पर ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान यदि किसी बच्चे का जन्म होता है, तो उसे भी अशुभ माना जाता है, क्योंकि ग्रहण का अशुभ प्रभाव नवजात शिशु पर पड़ता है। कई लोग ऐसा भी कहते हैं कि इस दौरान जन्मा शिशु दुर्भाग्यशाली होता है। लेकिन किया यह मान्यता सच है? आइए जानते हैं कि क्या सच में ग्रहण के दौरान जन्मा शिशु दुर्भाग्यशाली होता है। साथ ही जानेंगे ग्रहण के बुरे प्रभावों को कम करने के लिए ज्योतिष उपाय...
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चंद्र ग्रहण के दौरान जन्में बच्चे का भविष्य
- फोटो : Freepik
ग्रहण के दौरान बच्चे का जन्म
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण को अशुभ माना जाता है, इसलिए माना जाता है कि इस दौरान बच्चे का जन्म उसके जीवन में परेशानियां लाता है। ग्रहण का प्रभाव बच्चे के जीवन और हितों में समस्याएं पैदा करता है। बच्चों पर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का खतरा रहता है। साथ ही माता-पिता के साथ भी संबंधों पर प्रभाव पड़ता है।
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चंद्र ग्रहण के दौरान जन्में बच्चे का भविष्य
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ग्रहण का अशुभ असर जरूरी नहीं
हालांकि इस बात को लेकर दावा नहीं किया जा सकता है कि ग्रहण के दौरान जन्म लेने वाले बच्चे के जीवन में हमेशा परेशानियां ही आती है। दरअसल, सभी ग्रहण दुर्भाग्यपूर्ण फल देने वाले नहीं होते हैं। कुछ मान्यताओं के अनुसार, जिन बच्चों का जन्म ग्रहण के दौरान होता है, उनके अंदर नेतृत्व क्षमता बहुत अधिक होती है। ऐसे बच्चे न सिर्फ कुशाग्र बुद्धि के होते हैं, बल्कि यह हर क्षेत्र में अपना परचम भी लहराने की क्षमता रखते हैं। हालांकि फिर भी इसके दोष को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं।
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चंद्र ग्रहण के दौरान जन्में बच्चे का भविष्य
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चंद्र ग्रहण दोष को दूर करने के उपाय
कुंवारी लड़कियों को सफेद वस्त्र या खीर दान करें।
पूर्णिमा के दिन व्रत करें और चंद्रमा को अर्घ्य दें।
गायत्री और मृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
पूर्णिमा की रात चांदी के बर्तन में रखे दूध में हल्दी और शहद मिलाकर पिएं।