फलित ज्योतिष में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले ग्रह शुक्र अपनी नीच राशि कन्या राशि की यात्रा समाप्त करके 16 नवंबर की मध्यरात्रि 1 बजे अपनी स्वयं की राशि तुला में प्रवेश कर रहे हैं यहां ये 11 दिसंबर की सुबह तक गोचर करेंगे उसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे। तुला राशि पर इनके मित्र ग्रह बुध पहले से ही विद्यमान है अतः बुध और शुक्र का एक साथ रहना पृथ्वी वासियों के लिए बहुत सुखद परिणाम दायक रहेगा। जिन जातकों की जन्म कुंडली में ये दोनों ग्रह केंद्र अथवा त्रिकोण में गोचर करेंगे, उनके लिए अति शुभफल कारक रहेंगे तथा जिनकी जन्म कुंडली में इससे बाहर होंगे उनके लिए सामान्य फल कारक ही रहेंगे। अपनी तुला राशि पर गोचर करते हुए शुक्र सभी बारह राशियों के लिए किस तरह के फल कारक रहेंगे इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।