जीवोत्पत्ति के कारक महान ग्रह शुक्र अपनी वृषभ राशि की यात्रा समाप्त करके 28 मई की मध्यरात्रि 11 बजकर 57 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश कर रहे हैं। ये इनके मित्र बुध की राशि है। वर्तमान समय में मंगल और बुध भी इसी राशि में गोचर कर रहे हैं किन्तु, 2 जून को मंगल के कर्क राशि में प्रवेश कर जाने से बुध और शुक्र अकेले रह जाएंगे जिनका पूर्ण शुभ प्रभाव सभी को प्राप्त होगा। शुक्र मिथुन राशि में 22 जून की दोपहर 2 बजकर 18 मिनट तक गोचर करेंगे उसके बाद कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। जिनकी जन्मकुंडली में ये दोनों ग्रह केंद्र अथवा त्रिकोण में होंगे उनके लिए तो इनका प्रभाव किसी वरदान से कम नहीं है किंतु जिन राशि के जातकों के लिए ये अशुभ भाव में होंगे उन्हें उतना अच्छा फल नहीं दे पाएंगे। वृषभ और तुला राशि के स्वामी शुक्र कन्या राशि में नीचराशिगत संज्ञक और मीन राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का अन्य सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।