शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महान ग्रह शुक्र 18 अप्रैल की रात्रि 11 बजकर 08 मिनट पर मेष राशि में गोचर करते हुए पश्चिम दिशा में उदय हो रहे हैं। इनके उदय के साथ ही शादी-विवाह, गृह प्रवेश आदि सभी मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे। पृथ्वी पर छाई महामारी के संकट में भी कमी आनी आरंभ हो जाएगी। वृषभ एवं तुला राशि के स्वामी शुक्र कन्या राशि में नीचराशिगत तथा मीन राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। जिन जातकों की जन्म कुंडलियों में ये केंद्र अथवा त्रिकोण में गोचर कर रहे हैं उनके लिए तो ये शुभ संकेत है किंतु जिनके लिए ये अशुभ भाव में विद्यमान हैं उनके लिए फल बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। इनके उदय होने का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।